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02 January, 2009

टाटा पावर ने कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया

विद्युत क्षेत्र से जुड़ी टाटा समूह की अग्रणी कम्पनी टाटा पावर ने अपनी जमशेदपुर इकाई के कर्मचारियों को एक तरह से नए साल का तोहफा देते हुए आगामी एक जनवरी से उनका वेतन बढ़ाने का फैसला किया है। प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों तथा श्रमिक यूनियन के बीच हुए तीसरे वेतन पुनरीक्षण समझौते से कर्मियों के कुल वेतन में एक जनवरी 2009 से 2,800 रुपए से लेकर 6,982 रुपए तक वृद्धि हो जाएगी। यह समझौता चार साल तक प्रभावी रहेगा।

इसके तहत एलटीसी तथा चिकित्सा भत्ता समेत कई अन्य भत्तों में भी वृद्धि कर दी गई है। कम्पनी ने ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाने पर कर्मियों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि को भी आठ लाख रुपए से बढ़ाकर दोगुना यानी 16 लाख रुपया कर दिया है।  मंदी के दौर में वेतन की बढ़ोतरी करने वाली टाटा समूह की यह दूसरी कम्पनी है। इससे पहले टाटा स्टील ने अपने कर्मियों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की थी। 

12 December, 2008

वैश्विक आर्थिक संकट के बीच टाटा स्टील ने बढ़ाया वेतन

वैश्विक आर्थिक संकट के गहराते असर के बीच टाटा स्टील ने औद्योगिक उपकरण बनाने वाली अपनी सहायक कंपनी Tata Steel Growth Shop (टीजीएस) के कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया है। कंपनी ने बताया कि अब न्यूनतम मूल वेतन- ग्रेड RG-1 के लिए मौजूदा 4 हजार रुपये से बढ़कर 8,080 रुपये प्रतिमाह और अधिकतम मूल वेतन- ग्रेड RG-9 के लिए-10,750 से बढ़कर 18,090 रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी 2007 से देय होगा। टीजीएस, स्टील कंपनियों के अलावा एल्युमीनियम, सीमेंट, ऊर्जा एवं विद्युत, उड्डयन, रेलवे और अंतरिक्ष अनुसंधान संबंधी विभिन्न कंपनियों के उपकरणों के डिजाइन, प्रॉडक्शन तथा सप्लाई करती है।

जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसांवा जिले के गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित टीजीएस के लगभग 700 कर्मियों के वेतन में वृद्धि के इस समझौते पर 10 दिसम्बर को टाटा स्टील के सीओओ एच. एम. नेरूरकर और टाटा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने हस्ताक्षर किए।

24 October, 2008

टाटा मोटर्स ने और 400 कर्मचारियों को हटाया

दुनिया भर में छाए वित्तीय संकट के कारण जारी छंटनी के दौर के बीच देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने उत्पादन में गिरावट के चलते अपने और चार सौ अस्थायी कर्मियों को 23 अक्टूबर से काम से हटा दिया। इससे पूर्व कंपनी ने 20 अक्टूबर को भी अपने लगभग तीन सौ कर्मियों को काम से हटा दिया था। टाटा मोटर्स के जमशेदपुर स्थित भारी वाहन संयंत्र के इन अस्थायी कर्मियों को बुधवार को नोटिस देकर बृहस्पतिवार से काम पर न आने को कहा गया है। संयंत्र के श्रमिक संगठन टेल्को वर्कर्स यूनियन के महासचिव चंद्रभान प्रसाद ने लगभग तीन सौ अस्थायी कर्मियों को बृहस्पतिवार से काम पर न आने का नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि ये कर्मी विभिन्न विभागों से जुड़े थे।

इस बीच संयंत्र के प्रवक्ता कैप्टन पी जे सिंह ने भी अस्थायी कर्मियों को फिलहाल काम पर नहीं आने का नोटिस दिए जाने की पुष्टि की हालांकि उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि यह संख्या तीन सौ है या उससे कुछ कम। उन्होंने कहा कि विभिन्न कारणों से उत्पादन में आई गिरावट के कारण यह कदम उठाया जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व गत 20 अक्टूबर को भी जमशेदपुर संयंत्र के ट्रक डिवीजन लगभग एक सौ तथा कैब एंड क्वायल डिवीजन के दो सौ अस्थायी कर्मियों को काम से हटा दिया गया था। समझा जाता है कि वैश्विक मंदी के कारण उत्पादन में लगातार हो रही गिरावट के कारण यह कदम उठाया गया है। हर साल बरसात के बाद उत्पादन और मांग बढ़ने पर कंपनी और अस्थायी कर्मियों को काम पर बुलाती थी। पर इस बार पहले से कार्यरत लगभग पौने दो हजार अस्थायी कर्मियों में से भी लगभग छह सौ को हटाया जा रहा है। संयंत्र के कुल अस्थायी कर्मियों की संख्या साढ़े तीन हजार तक है।