विश्वविद्यालयों और कॉलेज शिक्षकों के वेतनमान की समीक्षा के लिए बनी जी. के. चड्ढा समिति ने 3 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट यूजीसी के चेयरमैन प्रो. सुखदेव थोराट को सौंप दी। रिपोर्ट में टीचर कम्यूनिटी को एक 'शानदार तोहफा' देने की बात कहते हुए टीचरों के विभिन्न पदों के वेतनमान में डेढ़ गुने से भी अधिक की बढ़ोतरी का सुझाव रखा है। कमिटी ने रिपोर्ट की सिफारिशों को 1 जनवरी 2006 से लागू करने की बात कही है। मंहगाई भत्ते को छोड़कर अन्य सभी भत्तों को 1 सितंबर 2008 के आधार पर देने की सिफारिश की गई है।
चड्ढा ने रिपोर्ट देने के बाद मीडिया से कहा कि अतिरिक्त योग्यता के आधार पर दिए जाने वाले इन्क्रीमेंट को जोड़ दिया जाए तो कुल बढ़ोतरी औसतन 75 प्रतिशत से भी अधिक है। भत्तों के साथ कुछ पदों के लिए यह वृद्धि 75 से 90 प्रतिशत के बीच है। समिति ने अलग से 1500 रुपये का 'ऐकडेमिक अलाउंस' देने की भी सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि टीचरों को हर स्तर पर सम्मानजनक वेतनमान देने की सिफारिश की गई है।
देश भर के सभी कॉलेजों और राज्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी केंदीय विश्वविद्यालयों की ही तरह रिटायरमेंट आयु 65 साल करने और शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद भी रिक्तता के आधार पर कॉन्ट्रेक्ट पर 70 साल तक दोबारा रखे जाने की सिफारिश की गई है। नवभारत टाइम्स खबर देता है कि थोराट यह रिपोर्ट 7 अक्टूबर को होने जा रही कमिशन की बैठक में रखेंगे। कमिशन के अनुमोदन के बाद वह इसे मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह को सौंपेंगे।
नए स्केल में असिस्टेंट प्रोफेसर का स्केल 8000-275-13500 से बढ़कर 15600-39100 हो जाएगा। जबकि प्रोफेसर का स्केल 37400 से 67,000 हो जाएगा।