गृह मंत्री की तरह गृह मंत्रालय के हजारों कर्मचारी अपने आने जाने का समय दर्ज करने के लिए यही करेंगे। एक महीने दस मिनट देर से आने पर एक दिन की छुट्टी कटेगी। यह सरकारी कर्मचारियों की देर से आने और जल्दी चले जाने की परम्परा समाप्त करने की शुरुआत है.
02 September, 2009
बायोमीट्रिक प्रणाली से उपस्थित: महीने में कुल दस मिनट देर पर एक दिन की छुट्टी
भारत के सरकारी कर्मचारियों के लिए गृह मंत्रालय के कार्यालय में समय की पाबन्दी को बढ़ावा देने के लिए बायोमीट्रिक स्कैनर्स लगाये गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए काम पर समय से आने का संदेश गृह मंत्री पी चिंदबरम नई दिल्ली स्थित ने कार्यालय में सुबह नौ पहुँच कर और एक बायोमीट्रिक स्कैनर पर अपनी बीच की उंगली रख कर अपने आने का समय दर्ज कर दिया।
रेल कर्मियों को एरियर, बोनस, मंहगाई भता इसी माह में!
दीवाली से महीना भर पहले ही रेल कर्मियों के घर लक्ष्मी का वरद हस्त इस बार पूरी तरह रहेगा। इस महीने रेल कर्मियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर बढ़े वेतन का बकाया रहता 60 प्रतिशत जो मिलने वाला है। इसके साथ 75 दिन के बोनस से भी रेल कर्मी लाभान्वित होंगे। और तो और पांच फीसदी महंगाई भत्ता भी मूल वेतन के साथ इसी माह मिलेगा।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर रेल विभाग ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से बकाया राशि दो चरण में देने का निर्णय लिया था और प्रथम किस्त के रूप में सभी रेल कर्मचारियों को बनती राशि की 40 फीसदी अदायगी नवंबर 2008 में कर दी गई और बकाया के भी अतिशीघ्र भुगतान का भरोसा दिया। अब उस बकाया 60 फीसदी राशि के लिए सितंबर माह निर्धारित हुआ है और संभावना है कि 15 से 17 सितंबर के अंतराल में तमाम कर्मचारियों को उनका बनता बकाया ऐरियर अदा कर दिया जायेगा।
रेल विभाग अपने कर्मचारियों को 75 दिन का बोनस भी इसी माह देगा। नियमानुसार सीलिंग बोनस के आधार पर 3500 रुपये प्रति माह के हिसाब से प्रत्येक रेल कर्मी को बनती राशि 24 सितंबर तक मिल जाने की खबर है।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर रेल विभाग ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से बकाया राशि दो चरण में देने का निर्णय लिया था और प्रथम किस्त के रूप में सभी रेल कर्मचारियों को बनती राशि की 40 फीसदी अदायगी नवंबर 2008 में कर दी गई और बकाया के भी अतिशीघ्र भुगतान का भरोसा दिया। अब उस बकाया 60 फीसदी राशि के लिए सितंबर माह निर्धारित हुआ है और संभावना है कि 15 से 17 सितंबर के अंतराल में तमाम कर्मचारियों को उनका बनता बकाया ऐरियर अदा कर दिया जायेगा।
रेल विभाग अपने कर्मचारियों को 75 दिन का बोनस भी इसी माह देगा। नियमानुसार सीलिंग बोनस के आधार पर 3500 रुपये प्रति माह के हिसाब से प्रत्येक रेल कर्मी को बनती राशि 24 सितंबर तक मिल जाने की खबर है।
अपने कर्मचारियों को रेलवे द्वारा महंगाई भत्ता भी इसी माह अदा होगा। प्रत्येक कर्मचारी को 5 फीसदी महंगाई भत्ता उनके मूल वेतन के साथ ही प्रारंभिक सप्ताह में अदा किया जाएगा।
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26 August, 2009
केंद्रीय कर्मचारियों को त्योहारों पर तोहफा
सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद एरियर (बकाया राशि) की दूसरी किश्त जारी करने की घोषणा की है। खबरों के अनुसार दूसरी किश्त सितंबर में मिलने की संभावना है।
वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन बढ़ोतरी को जनवरी 2006 से लागू किया गया था। इस कारण केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया गया, मगर सरकार ने इसे दो भागों में देने का फैसला किया था।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर राशि जारी कर दी गई है। अब इसका ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय और विभाग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की बकाया राशि का आकलन करने के बाद इसे देंगे। ऐसे में एरियर सितंबर माह के वेतन में ही संभव हो पाएगा।
जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी में आये है, उनको दूसरी किश्त तभी मिलेगी, जब वे नई पेंशन स्कीम लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह अपने एरियर की दूसरी किश्त को भी साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) में जमा करने की भी छूट रहेगी।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर राशि जारी कर दी गई है। अब इसका ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय और विभाग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की बकाया राशि का आकलन करने के बाद इसे देंगे। ऐसे में एरियर सितंबर माह के वेतन में ही संभव हो पाएगा।
जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी में आये है, उनको दूसरी किश्त तभी मिलेगी, जब वे नई पेंशन स्कीम लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह अपने एरियर की दूसरी किश्त को भी साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) में जमा करने की भी छूट रहेगी।
19 August, 2009
सुंदर सेल्स गर्ल से बिक्री कम हो जाती है दुकान की!
यह खबर भी कम मजेदार नहीं। अभी तक यह माना जाता था कि यदि काउंटर पर सुंदर सेल्स गर्ल हो बिक्री बढ़ जाती है। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ आस्ट्रेलिया के एक ताजा सवेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि काउंटर पर सुंदर लड़कियों को बिठाना भी नुकसानदायक हो सकता है। शोध के मुताबिक जहां सेल्स गर्ल ज्यादा सुंदर होती है, वहां पर महिलाएं सामान खरीदना पसंद नहीं करतीं। क्योंकि उन्हें यह बात पसंद नहीं होती कि सेल्स गर्ल उनसे ज्यादा सुंदर और आकर्षक दिखे। सुंदर सेल्स गर्ल के कारण पुरुष भले उस दुकान की ओर आकषिर्त होते हों, लेकिन महिलाओं द्वारा उपेक्षित रह जाने कारण उस दुकान की बिक्री कम हो जाती है।
इस संबंध में शोधकर्ता बिनाका प्राइस का कहना है कि महिलाओं में स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा पाई जाती है। खरीदारी के लिए दुकान पर जाने वाली किसी महिला को लगता है कि काउंटर पर खड़ी सेल्स गर्ल उससे बेहतर है। तब वह उस दुकान से सामान खरीदना पसंद नहीं करती। इस लिहाज से खुदरा जगत में महिलाओं की यह प्रतिक्रिया दुकान की बिक्री को सीमित कर सकती है। प्राइस इसके पीछे मनौवैज्ञानिक कारणों को देखती हैं। उनका मानना है कि जब कोई महिला यह देखती है कि सेल्स गर्ल उससे सुंदर है तो वह अंदर ही अंदर बेचैन हो जाती है। उसका आत्मविश्वास नीचे चला जाता है और वह उस दुकान की ओर रुख करना पसंद नहीं करती।
इस संबंध में शोधकर्ता बिनाका प्राइस का कहना है कि महिलाओं में स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा पाई जाती है। खरीदारी के लिए दुकान पर जाने वाली किसी महिला को लगता है कि काउंटर पर खड़ी सेल्स गर्ल उससे बेहतर है। तब वह उस दुकान से सामान खरीदना पसंद नहीं करती। इस लिहाज से खुदरा जगत में महिलाओं की यह प्रतिक्रिया दुकान की बिक्री को सीमित कर सकती है। प्राइस इसके पीछे मनौवैज्ञानिक कारणों को देखती हैं। उनका मानना है कि जब कोई महिला यह देखती है कि सेल्स गर्ल उससे सुंदर है तो वह अंदर ही अंदर बेचैन हो जाती है। उसका आत्मविश्वास नीचे चला जाता है और वह उस दुकान की ओर रुख करना पसंद नहीं करती।
18 August, 2009
महिलाएं चाहती हैं पुरूष बॉस!
वैसे तो यह खबर विदेश से आई है, लेकिन है कुछ चुटीली। हो सकता है यहाँ भी ऐसा ही कुछ सोचा जाता हो! दर असल ब्रिटेन में एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर महिलाएं किसी पुरूष बॉस के अधीन काम करना पंसद करती हैं। ब्रिटेन में मेल ऑनलाइन ने इस सर्वे को करवाने वाली वेबसाइट ‘वनपोल डाट कॉम’ के हवाले से खबर दी है कि दो-तिहाई महिला कर्मियों ने अपने कार्यालय में पुरूष बॉस को तरजीह दी क्योंकि वे अच्छे प्रबंधक साबित होते हैं तथा उनके मूड में भी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आता।
दो हजार महिलाओं में करवाए गए इस सर्वे में पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों तरह की काम करने वाली महिलाएं थीं जिनमें से 63 फीसदी ने पुरूष बॉसों पर अपनी सहमति बनाई जबकि सिर्फ 37 प्रतिशत महिलाओं ने ही महिला बॉसों को चुना। पुरूष बॉसों को चुनने के पीछे महिलाओं का तर्क था कि वे महिला बॉसों की अपेक्षा ज्यादा साफ और सीधे बात करने वाले तथा निर्णय लेने में अच्छे होते हैं। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि पुरूष बॉस व्यापार चलाने में सम्पूर्ण दृष्टिनिर्देश रखते हैं जिससे कम्पनी लम्बे समय के लिए उन्नति करती है।
हालांकि सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि महिला बॉस कार्यालय के अंदर कर्मचारियों के निजी मसलों को सुलझाने में ज्यादा कारगर होती हैं लेकिन पूरी तरह गाड़ी खींचने के लिए महिलाओं ने पुरूष बॉसों पर ही अपनी इच्छा कायम रखी।
दो हजार महिलाओं में करवाए गए इस सर्वे में पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों तरह की काम करने वाली महिलाएं थीं जिनमें से 63 फीसदी ने पुरूष बॉसों पर अपनी सहमति बनाई जबकि सिर्फ 37 प्रतिशत महिलाओं ने ही महिला बॉसों को चुना। पुरूष बॉसों को चुनने के पीछे महिलाओं का तर्क था कि वे महिला बॉसों की अपेक्षा ज्यादा साफ और सीधे बात करने वाले तथा निर्णय लेने में अच्छे होते हैं। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि पुरूष बॉस व्यापार चलाने में सम्पूर्ण दृष्टिनिर्देश रखते हैं जिससे कम्पनी लम्बे समय के लिए उन्नति करती है।
हालांकि सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि महिला बॉस कार्यालय के अंदर कर्मचारियों के निजी मसलों को सुलझाने में ज्यादा कारगर होती हैं लेकिन पूरी तरह गाड़ी खींचने के लिए महिलाओं ने पुरूष बॉसों पर ही अपनी इच्छा कायम रखी।
27 June, 2009
एयर इंडिया के कर्मचारियों हेतु, बिना वेतन के स्वैच्छिक अवकाश की घोषणा
नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिए बिना वेतन के स्वैच्छिक अवकाश की घोषणा की है। साथ ही प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों को लेकर एक समिति का गठन किया गया है जो इस सरकारी एयरलाइंस को बदहाली से उबारने के उपाय सुझाएगी।
एयर इंडिया की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि योजना के तहत स्थाई कर्मचारी दो साल तक के लिए बिना वेतन या भत्ते के अवकाश पर जा सकते हैं और दोबारा उसी पद पर लौट सकते हैं, जहां से वे छुट्टी पर गए थे।
एयर इंडिया की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि योजना के तहत स्थाई कर्मचारी दो साल तक के लिए बिना वेतन या भत्ते के अवकाश पर जा सकते हैं और दोबारा उसी पद पर लौट सकते हैं, जहां से वे छुट्टी पर गए थे।
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एयर इंडिया कर्मचारियों का वेतन भुगतान में देरी के विरोध में धरना
एक पखवाड़े तक वेतन टाले जाने के फैसले के विरोध में एयर इंडिया के कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार को हवाई अड्डे पर धरना दिया। एविएशन इंडस्ट्री इम्प्लायज गिल्ड (AIEG) के क्षेत्रीय महासचिव वी. जे. डेका ने बताया कि इंडिया के कर्मचारियों ने देश भर में अपने संबंधित स्टेशनों पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि विरोध हमारे वेतन को एक पखवाड़े तक के लिये टाले जाने के प्रबंधन के फैसले के खिलाफ है। एयर इंडिया के तीन कर्मचारी संगठन एआईईजी, एयर कॉरपोरेशन एंप्लॉयीज यूनियन (ACEU) और इंडियन एयरक्राफ्ट टेक्नीशियंस असोसिएशन (IATA)ने इससे पहले 22 से 25 जून तक विरोध स्वरूप काला बिल्ला लगाने का फैसला किया था।
यूनियन का कहना था कि अगर प्रबंधन 30 जून को वेतन देने में विफल रहता है तो करीब 24,000 कर्मचारी 'वेतन नहीं, काम नहीं' के तहत अपनी ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
यूनियन का कहना था कि अगर प्रबंधन 30 जून को वेतन देने में विफल रहता है तो करीब 24,000 कर्मचारी 'वेतन नहीं, काम नहीं' के तहत अपनी ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
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