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26 August, 2009

केंद्रीय कर्मचारियों को त्योहारों पर तोहफा

सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद एरियर (बकाया राशि) की दूसरी किश्त जारी करने की घोषणा की है। खबरों के अनुसार दूसरी किश्त सितंबर में मिलने की संभावना है।

वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन बढ़ोतरी को जनवरी 2006 से लागू किया गया था। इस कारण केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया गया, मगर सरकार ने इसे दो भागों में देने का फैसला किया था।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर राशि जारी कर दी गई है। अब इसका ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय और विभाग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की बकाया राशि का आकलन करने के बाद इसे देंगे। ऐसे में एरियर सितंबर माह के वेतन में ही संभव हो पाएगा।

जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी में आये है, उनको दूसरी किश्त तभी मिलेगी, जब वे नई पेंशन स्कीम लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह अपने एरियर की दूसरी किश्त को भी साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) में जमा करने की भी छूट रहेगी।

02 January, 2009

सशस्त्र सेनाओं के लिए अलग वेतन आयोग का गठन किया जाएगा

सशस्त्र सेनाओं के लिए एक अलग वेतन आयोग का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार पांच साल बाद अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन के निरीक्षण लिए गठित किए जाने वाले आयोग से रक्षा कर्मियों के वेतन की समीक्षा को अलग करने पर सहमत हो गई है। बहरहाल इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना अभी भी जारी नहीं हुई है।

थलसेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और उसके समकक्ष नौसेना तथा वायुसेना के अधिकारियों के वेतन बढ़ाने की सूचना के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने अलग वेतन आयोग के गठन के निर्णय से अवगत कराने के लिए कैबिनेट सचिव को पत्र भेजा है। सरकार इस पर भी सहमत हो गई है कि पिछले साल छठे वेतन आयोग द्वारा सुझाए गए वेतनमान से एक पायदान ऊपर के वेतनमान (37,400-67,000) में लेफ्टिनेंट कर्नलों को शामिल किया जाएगा। प्रतिनियुक्ति पर तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल को अपनी मूल सेवा में लौटने पर यह वेतनमान दिया जाएगा। 

सशस्त्र सेनाओं, अर्ध्दसैनिक बलों और अन्य सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया जाएगा। 

09 December, 2008

हरियाणा के कर्मचारियों को नए वर्ष का तोहफा

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के कर्मचारियों के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया है। लंबे समय से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का इंतजार कर रहे हरियाणा के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नए वर्ष का तोहफा दे दिया। उन्होंने घोषणा कर दी है कि एक जनवरी, 2009 से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह सिफारिशें जनवरी, 2006 से मान्य होंगी।

गौरतलब है कि हुड्डा सरकार ने अपने बजट में पहले ही छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए 1550 करोड़ रूपये का प्रावधान किया हुआ था। इन सिफारिशों के लागू हो जाने से राज्य के खजाने पर 3 हजार करोड़ रूपये का सालाना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कर्मचारियों को इसका 40 प्रतिशत नकद दिया जाएगा जबकि 60 प्रतिशत उनके पीएफ में जमा करने का प्रावधान किया गया है।

02 December, 2008

हरियाणा में जनवरी 2006 से लागू होगी वेतन आयोग की सिफारिश

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिश जनवरी 2006 से लागू होगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों के लिए छठे वेतनमान आयोग की सिफारिशों के आधार पर संशोधित वेतनमान एक जनवरी 2006 से ही लागू किए जाएंगे। प्रदेश सरकार के पास नए वेतनमान लागू करने को लेकर पर्याप्त बजट है और प्रदेश के सभी कर्मचारियों के वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर बेहतर होंगे।

श्री हुड्डा ने बताया कि प्रदेश में छठे वेतन आयोग के अनुसार संशोधित वेतनमान के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव धर्मबीर सिंह की अध्यक्षा में कमेटी का गठन किया हुआ है। कमेटी को वेतनमान संशोधन को लेकर विभिन्न विभागों से करीब 225 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए थे। कमेटी ने वेतनमान का निर्धारण पारदर्शी तरीके से करने के लिए सभी प्रार्थनापत्र एवं सुझावों पर निजी सुनवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नए संशोधित वेतनमान को लेकर 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान पहले ही किया हुआ है। उन्होंने कहा कि अतीत में लागू हुई वेतन आयोग की रिपोर्ट में अक्सर यह हुआ है कि वेतनमान निर्धारण को लेकर आपत्तियां अभी तक लटकी हुई है। प्रदेश के सभी कर्मचारियों के हित में प्रदेश सरकार की यह मंशा है कि छठे वेतन आयोग के मुताबिक वेतनमान सभी कर्मचारियों को संतुष्ट करने वाले हों और हर वर्ग के कर्मचारी को न्याय मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समायोजित कर्मचारियों की मांग पर वायदे के मुताबिक समायोजित होने वाले कर्मचारियों को फिर से विभागीय परीक्षा पास करने के नियम से भी मुक्त कर दिया है।

20 November, 2008

जजों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होगी!?

केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। केंद्रीय कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सौगात देने के बाद केंद्र सरकार केंद्रीय सार्वजनिक उद्यमों (Central PSUs) के कर्मचारियों तथा अधिकारियों के भी वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को आज कैबिनेट में विचार करने के लिए ला रही है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय ने अपना प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है।

आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार यदि वित्त मंत्रालय का प्रस्ताव स्वीकार कर लेती है तो प्रस्तावित वेतनमान में सभी लाभार्थियों को दो गुना से लेकर तीन गुना वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा जबकि नवरत्न कंपनियों के अध्यक्षों का वेतन केंद्र सरकार के सचिव से लेकर कैबिनेट सचिव से भी ऊपर हो जाएगा। ONGC, HPCL, Indian Oil जैसी कंपनियों के सीएमडी का वेतन 27500-31000 से बढ़कर 80,000-125,000 रूपए महीना हो जाएगा जबकि एक्जीक्यूटिव का वेतन 6500-11350 से बढ़कर 12600-32500 रूपए महीना हो जाएगा। इसके अतिरिक्त DA भी मिलेगा।

इसके अलावा सरकार सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के जजों के भी वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगी।

04 November, 2008

उड़ीसा में छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों को हरी झंडी

छठे वेतन कमीशन की सिफारिश के अनुसार उड़ीसा के सरकारी कर्मचारियों को वेतन प्रदान करने के लिए सरकार ने हरी झण्डी दे दी है। वित्ता मंत्री प्रफुल्ल चन्द्र घड़ेई ने संकेत देने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों को छठे वेतन कमीशन की सिफारिश के अनुसार वेतन प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा फिटमेंट कमेटी गठित करने की बात कही है। फिटमेंट कमेटी छठे वेतन कमीशन की सिफारिश, कर्मचारियों की मांग और आर्थिक बोझ सम्बन्धित अनुध्यान कर आगामी तीन महीने के अन्दर सरकार को रिपोर्ट देगी।

फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य में इस पर निर्णय लिया जाएगा। इस हेतु आगामी बजट में वित्त व्यवस्था की जाने की बात मंत्री श्री घड़ेई ने कही है। गौरतलब है कि छठे वेतन कमीशन की सिफारिश लागू करने पर सरकार को अधिक 700 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। इस दौरान विकास कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित फिटमेंट कमेटी पिछले 23 तारीख से सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न संघों की ओर से सुनवाई शुरू कर दी है। यह आगामी चार नवंबर तक चालू रहेगी। फिटमेंट कमेटी के सामने संघ की ओर से वेतन कमीशन की सिफारिश कार्यकारी करने के लिए अपने विचार रखे जाएंगे। फिटमेंट कमेटी द्वारा सरकार को दी जाने वाली रिपोर्ट पर कर्मचारियों के नए वेतन सम्बन्धित निर्णय लिया जाएगा।

19 October, 2008

कर्मचारियों को लगा झटका ,नहीं मिलेगा एरियर

राजस्थान में छठा वेतन आयोग लागू होने से पैदा हुई वेतन विसंगतियों के बाद राज्य कर्मचारियों को दूसरा बड़ा झटका लगा है। सरकार ने उन्हे मिलने वाले पिछले बीस महीने के एरियर में मकान किराया भत्ता (एचआरए) का एरियर नहीं देने का ऐलान किया है। इसका असर सबसे ज्यादा उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जो 5000 से 8000, 5500 से 90000 और 6500 से कम 10,500 की वेतन श्रृंखला में थे। राजस्थान में इनकी संख्या लगभग 4।50 लाख है।

छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बाद फिक्सेशन, एरियर और अन्य विषयों के संबंध में राज्य कर्मचारियों की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण में वित्त विभाग ने यह खुलासा किया है। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष गर्ग का कहना है कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बाद दिए जाने वाले एरियर के रूप में कभी भी मकान किराया भत्ता (एचआरए) देने की परंपरा नही रही है। इसलिए राज्य कर्मचारियों को इस बार भी मकान किराया भत्ते का एरियर नहीं दिया जाएगा, लेकिन मौजूदा नए वेतन पर यह एरियर नियमानुसार मिलेगा।

एचआरए के पुराने आदेशों के बारे में गर्ग का कहना है कि हो सकता है उस समय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बाद मकान किराया भत्ता देर से दिया हो, इसलिए बाद में आदेश जारी किए गए हों। सरकार के इस फैसले के राज्य कर्मचारियों में भारी निराशा है। कर्मचारियों का कहना है कि पाचवें वेतन आयोग के समय तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार ने तो केवल 12 महीने का ही एचआरए का एरियर नहीं दिया था, लेकिन इस सरकार ने पूरे 20 महीने के एरियर को ही नहीं दिया है। इधर, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से वेतन विसंगतियों को लेकर बनी कर्मचारी एकता समिति ने केंद्र के समान वेतनमान देने को लेकर संघर्ष करने की रणनीति बनाई है। समिति के केंद्र के समान वेतनमान देने को लेकर संघर्ष करने की रणनीति बनाई है।

16 October, 2008

सैन्य बलों को संशोधित वेतन के बारे सप्ताह भर और इंतजार करना होगा

सैन्य बलों को संशोधित वेतन के बारे में खुशखबरी के लिए सप्ताह भर और इंतजार करना होगा।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आज हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सैन्य बलों का मुद्दा नहीं आया। बैठक में वित्त मंत्री पी चिदम्बरम दिल्ली से बाहर होने के कारण हिस्सा नहीं ले सके जो सैन्य बलों की वेतन विसंगतियों के समाधान के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने 25 सितम्बर को विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में यह समिति गठित की थी जिसमें रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी भी शामिल हैं। समझा जाता है कि एंटनी सैन्य बलों द्वारा उठाई गई चारों मांगों को स्वीकार किए जाने के लिए जोरदार पैरवी कर चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया कि अब सैन्यकर्मियों को वेतन की खुशखबरी दीवाली से तीन-चार दिन पहले सुनाई जाने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि कल से संसद का सत्र शुरू हो रहा है और 28 अक्टूबर को दीवाली से पहले केबिनेट की नियमित बैठक 23 अक्टूबर को होनी है।

सैन्य बलों की सभी मांगे मानने हेतु केबिनेट की मंजूरी आज!?

सैन्य बलों को दिवाली का तोहफा देते हुए छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट से उपजी चारों विसंगतियों को दूर करने की सम्भावनाओं के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में आज इस आशय का प्रस्ताव पारित होने जा रहा है। सैन्य बलों ने जिन मामलों को सरकार के सामने उठाया था। मोटे तौर पर उन सभी का समाधान मुखर्जी समिति करने जा रही है। सूत्रों के अनुसार समिति ने सैन्य प्रमुखों की सभी मांगों का इस ढंग से समाधान करने का निर्णय लिया है कि उसके बाद कोई शिकायत बाकी नहीं रह जाए।

वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने संबंधी प्रस्ताव केबिनेट ने पारित किया था और उसमें तब्दीली भी अब केबिनेट ही कर सकती है। संसद का सत्र 17 अक्टूबर को शुरू होने से एक दिन पहले आज होने वाली केबिनेट की नियमित बैठक में सैन्य बलों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

सैन्य प्रमुखों का ज्ञापन मिलने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गत 25 सितम्बर को विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी जिसमें वित्त मंत्री पी चिदम्बरम के अलावा रक्षा मंत्री ए के एंटनी भी शामिल हैं। इस समिति की पहली बैठक 14 अक्टूबर को हुई, जिसमें लेफ्टीनेंट कर्नलों को वेतन बैंड चार में रखने, आफिसर से नीचे के रैंक के कर्मियों की पेंशन वेटेज 70 प्रतिशत तक बहाल करने लेफ्टिनेंट जनरलों को उच्चतर प्रशासनिक ग्रेड में रखने तथा असैन्य एवं अर्ध सैनिक बलों के साथ वेतन तुलनात्मक वेतन रखने की मांग पर विचार किया गया।

'वार्ता' की ख़बर है कि आसन्न आम चुनाव को देखते हुए राजनीतिक नेतृत्व 14 लाख सैन्यकर्मियों के नाराज होने की कोई गुंजाइश नहीं छोडना चाहता क्योंकि उनके प्रति व्यापक पैमाने पर जनता की सहानुभूति है। वायु सेना दिवस सैन्यकर्मियों के लिए राजनीतिक नेतृत्व के साथ खुलकर बातचीत करने का बढिया मौका लेकर आया था जिसमें वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल फली होमी मेजर के निवास पर आयोजित मिलन समारोह में प्रधानमंत्री. वित्त मंत्री और रझा मंत्री के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुखों की अनौपचारिक बातचीत हुई। इस समारोह के बाद तीनों प्रमुखों के चेहरे पर संतोष और खुशी की झलक थी।

01 October, 2008

Arrears का पूरा टैक्स एक साथ नहीं

केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद मिलने वाले बकाया की कुल रकम पर एक साथ टैक्स नहीं देना होगा। चालू कारोबारी साल में उन्हें बकाया की जो रकम मिलेगी, उस पर इस साल टैक्स लगेगा। फिर अगले कारोबारी साल में एरियर की जो रकम मिलेगी, उस पर अगले कारोबारी साल में टैक्स लगेगा। 

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पहले कहा था कर्मचारियों को मिलने वाले एरियर की कुल रकम पर टैक्स इसी साल लगेगा। पर अब वित्त मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी कर नई बात कही है। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते वक्त सरकार ने कहा था कि कर्मचारियों को चालू कारोबारी साल में एरियर की कुल रकम का 40 परसेंट दिया जाएगा और बाकी 60 फीसदी रकम अगले कारोबारी साल में दिया जाएगा। 

27 September, 2008

वेतन विसंगतियों पर IPS भी खफा

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से भी ज्यादा पगार देने के सरकार के फैसले के बावजूद वेतन विसंगतियों को लेकर शिकायतें थम नहीं रही हैं। अब भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की शिकायत यह है कि उनके वेतनमान निर्धारण में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की अवहेलना की गई है। आईपीएस अधिकारियों के मुताबिक कैबिनेट के फैसले की तोड़-मरोड़ कर व्याख्या की गई है। IPS के कुछ वेतनमान इस तरह से प्रस्तुत किए गए हैं, जिनका वेतन आयोग और कैबिनेट के फैसले में कोई उल्लेख नहीं है। लिहाजा आईपीएस संघ इस पर खासा नाराज है। केंद्र सरकार को अपनी शिकायत भेज कर उसने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तक की मांग कर डाली है। 

शिकायत पत्र में आईपीएस अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि इस सिलसिले में आयोग की सिफारिशों की व्याख्या कुछ इस तरह से की गई है कि आईएएस और आईएफएस अधिकारियों को वेतन वृद्धि का लाभ कैबिनेट के फैसले से ज्यादा ही मिलेगा। इससे दूसरी सेवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। यानी सिफारिशें लागू होने के बाद जहां दूसरी सेवाओं के अधिकारियों का मौजूदा मूल वेतन 15,100 रुपये प्रति माह से 47,230 रुपये मासिक हो रहा है, वहीं सिफारिश की गलत व्याख्या की वजह से आईएएस का यही मूल वेतन 48,390 रुपये प्रति माह पहुंच रहा है। मांग पत्र में कहा गया है कि आईएएस और आईएफएस को आईपीएस से ऊपर रखने को लेकर आयोग की सिफारिश का फायदा उठाते हुए यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि वेतन आयोग ने आईएएस और आईएफएस के वर्चस्व को कायम रखने के लिए उनके वेतन बैंड में दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि का प्रावधान किया था। 

आईपीएस अधिकारियों का तर्क है कि अगर वरिष्ठ वेतनमान (एसटीएस) और कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) स्तरों पर IAS वर्ग को दो वेतन वृद्धि देनी भी है तो यह बढ़ोतरी उन्हें एसटीएस (6600 रुपये) के लिए पदोन्नति देते समय कर देनी चाहिए। लेकिन 7600 रुपये के वेतन ग्रेड के लिए उनकी पदोन्नति के समय उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने से उन्हें इस स्तर पर चार वेतन वृद्धि हासिल हो जाएंगी जो कैबिनेट के फैसले के खिलाफ है। आईपीएस का आरोप है कि इससे निदेशक के पद पर आसीन आईएएस को पुलिस महानिदेशक से ज्यादा वेतन मिलने लगेगा, जबकि दोनों सुपर टाइम स्केल में आते हैं।
(जागरण से साभार)

नए वेतनमान स्वीकाने से फौज का इनकार!?

कड़े अनुशासन में चलने वाली फौज ने वेतनमान में विसंगतियां दूर न होने के चलते नए वेतनमान को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। सशस्त्र सेना के तीनों बलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए लेखा कार्यालय में संशोधित वेतन के मुताबिक बिल जमा नहीं कराए हैं। इसका साफ मतलब है कि उन्हें छठे वेतन आयोग व उसके बाद समीक्षा में तय किया गया वेतनमान स्वीकार्य नहीं है। 

रक्षा बलों के इस कड़े रुख से उनकी मांगें न माने जाने पर 'काली दीवाली' मनाने की धमकी पर अमल शुरू हो गया है। हालांकि मुख्य एतराज मध्यम स्तर के अधिकारियों के वेतन में विसंगति को लेकर है, पर इस मसले पर पूरी फौज एकजुट नजर आ रही है। मध्यम स्तर के अधिकारियों को सिविल व अ‌र्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों से कम वेतनमान दिया गया है, जबकि पहले उनका वेतनमान इनसे अधिक होता था। सरकार ने गुरुवार को सैद्धांतिक तौर पर बलों की इस मांग को मान लिया था कि पिछली बार मिले वेतन के आधार पर जवानों की पेंशन में 70 फीसदी वृद्धि बहाल होगी, पर बाकी मांगों पर चुप्पी साध रखी है। 

छठे वेतन आयोग ने अपनी सिफारिश में जवानों को 50 फीसदी पेंशन लाभ के साथ ही उन्हें अ‌र्द्घसैनिक बलों व केंद्रीय पुलिस बल में शामिल होने का विकल्प दिया है। लेकिन असल में रिटायरमेंट के बाद दूसरी नौकरी के विकल्प पर मुहर नहीं लगाई गई है। इस आक्रोश को सामने रखने के लिए ही चीफ्स आफ स्टाफ कमेटी के प्रमुख व नौसेनाध्यक्ष एडमिरल सुरीश मेहता व थल सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर ने गुरुवार को कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर से मुलाकात की थी। 

वित्त मंत्रालय बजट की कमी का रोना रो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के एक अक्टूबर को अमेरिका से लौटने के बाद ही इस संबंध में कोई फैसला संभव होगा। रक्षा बलों के कड़े रुख से साफ है कि इस दीवाली पर 50 लाख सिविल व अन्य कर्मी, अधिकारी नए वेतनमान की खुशी मनांएगे, पर 13 लाख रक्षा कर्मी व अधिकारी पुराने वेतन के साथ ही विरोध जताएंगे। इधर पूर्व सैनिक मूवमेंट के प्रमुख रिटायर्ड मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि इस जंग में पूर्व सैनिक भी अपने सेनाध्यक्षों के साथ हैं।

11 September, 2008

दिल्ली नगर निगम, छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर रहा

दिल्ली नगर निगम अपने अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशें पहली सितम्बर 2008 से लागू कर रहा है। स्थायी समिति के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने स्थायी समिति की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम पूरे भारत में पहला ऐसा स्थानीय निकाय है जो छठे वेतन आयोग की सिफारिशें सबसे पहले लागू करने जा रहा है।

श्री गुप्ता ने बताया कि ये सिफारिशें एक जनवरी 2006 से लागू होगी लेकिन इस साल बकाया राशि का 40 फीसद ही दिया जाएगा। जबकि अगले साल बाकी रकम दी जाएगी।

05 September, 2008

कर्मचारियों को एक बच्चे की पढाई पर अब 1000 रुपये महीना भत्ता

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से भी एक कदम आगे बढकर बढे वेतन और भत्ते देने का सिलसिला जारी रखते हुये केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को उनके बच्चों की पढाई पर दिया जाने वाला शिक्षा भत्ता 40 रुपये से बढाकर 1000 रुपये महीना कर दिया है। शिक्षा भत्ता अधिकतम दो बच्चों के लिये मिलेगा। सरकार ने इस संबंध में नये आदेश जारी कर दिये हैं। बच्चों की नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढाई पर कर्मचारियों को अब प्रत्येक बच्चे के लिये अधिकतम 1000 रुपये महीना शिक्षा भत्ता मिलेगा। सरकार ने बच्चों का शिक्षा भत्ता और स्कूल की ट्यूशन फीस के एवज में दी जानी वाली राशि दोंनों को मिलाकर 'चिल्ड्रन एजूकेशन एलाउंस स्कीम' बना दी है1 योजना एक सितंबर 2008 से लागू मानी जायेगी। छठे वेतन आयोग ने भी यही सिफारिश की थी।

पति, पत्नी दोंनों सरकारी कर्मचारी होने की स्थिति में किसी एक को ही बच्चों के शिक्षा भत्ते का लाभ मिलेगा। पढाई के दौरान बच्चों की हास्टल सुविधा के मामले में अधिकतम 3000 रुपये हास्टल सहायता दी जायेगी। यह सुविधा भी दो बच्चों के लिये ही होगी1 लेकिन हास्टल सुविधा के साथ शिक्षा भत्ता नहीं मिलेगा। नये आदेश के मुताबिक नये वेतन ढांचे में जब जब महंगाई भत्ता बढकर 50 प्रतिशत तक पहुंच जायेगा शिक्षा शुल्क भत्ते में अपने आप ही 25 प्रतिशत वृद्धि हो जायेगी। शिक्षा भत्ता पाने के लिये कर्मचारी को शिक्षा खर्च की स्वप्रमाणित मूल रसीद कार्यालय में देनी होगी उसी के आधार पर राशि जारी कर दी जायेगी।

योजना के तहत बच्चों की ट्यूशन फीस, दाखिला खर्च, प्रयोगशाला, कृषि, इलेक्ट्रानिक्स, संगीत तथा किसी अन्य विषय के लिये मांगी गई विशेष फीस का भी भुगतान शामिल होगा। किसी एक कक्षा के लिये पुस्तक और कापियों का एक सेट, वर्दी के दो सेट, एक जोडी जूते सभी कुछ इस शिक्षा भत्ते योजना के तहत मिलेगा। यह सब एक बच्चे के लिये अधिकतम सालाना 12000 रुपये की सीमा में ही होगा। योजना के तहत कर्मचारी हर तीन महीने में रकम पाने के लिये अपना दावा कर सकेंगे। प्रत्येक तिमाही में 3000 रुपये से अधिक अथवा कम राशि का दावा किया जा सकता है लेकिन सालभर में यह राशि 12000 रुपये से अधिक नहीं होगा।

अपडेट, 26 सितम्बर: अविनाश जी के आग्रह पर लिंक जोड़ी गयी

16 August, 2008

छठे वेतन आयोग की सिफ्रारिशें एक जनवरी 2006 से लागू करेगा हरियाणा

हरियाणा सरकार केन्द्र सरकार द्वारा घोषित छठे वेतन आयोग की सिफ्रारिशें एक जनवरी 2006 से लागू करेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने पलवल में, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में अपने संबोधन में दी ।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्य सचिव धर्मवीर की अध्यक्षता में एक समिति गठित करेगी जो छठे वेतन आयोग की सिफ्रारिशों का अध्ययन करेगी ।

14 August, 2008

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली, सितम्बर से नया वेतन

सरकार ने छठे वेतन आयोग की संशोधित सिफारिशों को मानते हुए कर्मचारियों के वेतन में औसतन 21 फीसदी तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। वेतन वृद्धि एक जनवरी 2006 से लागू होगी और बढ़ा हुया वेतन सितंबर माह से मिलेगा। 31 अगस्त 2008 तक एरियर की एक बड़ी किश्त भी कर्मचारियों की जेब मोटी करेगी। केंद्र सरकार के फैसले के मुताबिक एरियर की राशि दो किस्तों में मिलेगी। चालीस फीसदी राशि मौजूदा वित्त वर्ष 2008-09 में और बाकी साठ प्रतिशत अगले वित्त वर्ष 2009-10 में निकाली जा सकेगी। वेतन के साथ जुड़ने वाले भत्ते अगले माह से ही दिए जाएंगे। वेतन आयोग रिपोर्ट में मौजूद प्रशासकीय सुधार से जुड़ी सिफारिशों को सरकार ने फिलहाल नहीं छुआ है।

१४ अगस्त को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छठे वेतन आयोग की संशोधित सिफारिशों को मंजूरी दे दी। लाल किले से प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के संबोधन के कुछ हिस्से में कर्मियों के फायदे की कुछ व लुभावनी घोषणाएं भी हो सकती हैं। अंदाजे लगाए जा रहे हैं कि सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने पर प्रधानमंत्री कुछ संकेत दे सकते हैं। सिफारिशों की समीक्षा करने वाली सचिवों की समिति के सुझावों से अतिरिक्त सरकार ने अपनी तरफ से अहम फैसले किए हैं। ऐसे ही एक फैसले के तहत राज्यों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के लिए वही वेतनमान कर दिया गया है जिसमें मुख्य सचिव आते हैं। इससे पुलिस के मुखिया का वेतन 80 हजार रुपये प्रति माह होगा।

नाराज चल रहे निम्न श्रेणी कर्मचारियों का ख्याल सरकार ने खूब रखा है। सबसे निचले स्तर के कर्मचारी का मूल वेतन सात हजार रुपये मासिक कर दिया गया है जो भत्ते जोड़कर दस हजार रुपये पार कर जाएगा। वेतन आयोग ने इस स्तर के लिए 6660 रुपये मासिक वेतन की सिफारिश की थी। कर्मचारियों की वार्षिक वेतन बढ़ोतरी अब ढाई की बजाय तीन प्रतिशत करने का फैसला किया गया है। 'सुनिश्चित कैरियर प्रगति स्कीम' के तहत कर्मचारियों को कम से कम तीन पदोन्नति अनिवार्य रूप से हासिल होगी। यह असैन्य कर्मचारियों को सेवा काल के 10, 20 और 30 साल पूरे करने पर मिलेगी। सबसे निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए परिवहन भत्ते में भी वृद्धि को लेकर समिति का सुझाव मान लिया गया। अब ए-1 व ए श्रेणी के शहरों में परिवहन भत्ता 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। छोटे शहरों में यह भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है।

कैबिनेट ने समिति के उस सुझाव को जस का तस मान लिया है जिसमें मध्य स्तर के पुलिस और असैन्य अधिकारियों को पे बैंड-4 में शुमार करने की सिफारिश है। छठे वेतन आयोग की सिफारिश में एक और अहम संशोधन के तहत सरकार ने तय किया है कि चार साल की सेवा के बाद बी समूह के अधिकारियों को ए समूह का वेतनमान दिए जाने पर रोक नहीं लगेगी। बल्कि दोनों समूह के अधिकारियों को पे-बैंड-2 की जगह ज्यादा वेतनमान वाले पे-बैंड-3 में रखा गया है। बीस वर्ष की नौकरी पूरी कर चुके डाक्टरों को संयुक्त सचिव के बराबर का पद (वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड) दिया जाएगा।

13 August, 2008

पैंतीस लाख केंद्रीय कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान को प्रधान मंत्री की मंजूरी

'कर्मचारी' ब्लॉग की 100वीं पोस्ट में खुशख़बरी
सशस्त्र बलों सहित करीब पैंतीस लाख केंद्रीय कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान को आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अघ्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में हरी झंडी दे दी गई। इस पर कैबिनेट गुरूवार को अपनी मुहर लगाएगी। अपुष्ट सरकारी सूत्रों के अनुसार, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर सैन्य बलों द्वारा जताई गई आपत्तियों का समाधान कर लिया गया है और संशोधित वेतनमान सभी को संतुष्ट करने वाले होंगे।

सूत्रों ने बारीकियों का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि सिफारिशों में सैन्य बलों के अधिकारियों ही नहीं बल्कि जवानों के वेतन एवं भत्तों का भी पूरा घ्यान रखा गया है। इसी अनुपात में असैन्य कर्मचारियों के वेतन में संशोधन किए गए हैं और निचले स्तर के कर्मियों को खुश करने की कोशिश की गई है। सूत्रों ने बताया कि आज की उच्च स्तरीय बैठक में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी, रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी और वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम मौजूद थे।

वेतन आयोग की सिफारिशों से 12 प्रतिशत अधिक पाएंगे कर्मचारी

छठे वेतन आयोग ने जो सिफारिशें की थीं उससे 12 प्रतिशत अधिक वेतन सरकारी कर्मचारियों को मिलने जा रहा है। कर्मचारियों के लिए यह भी खुशखबरी है कि छठे वेतन आयोग को एक जनवरी 2006 से ही लागू किया जाएगा। छठे वेतन आयोग पर मंत्रियों को मनाने की कवायद कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर ने 12 अगस्त को पूरी कर ली। इससे छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर कैबिनेट की मुहर लगने का रास्ता साफ हो गया है।

अपुष्ट खबर है कि बृहस्पतिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगेगी। अगर किसी वजह से इसमें तब्दीली हुई तो महीना बीतने से पहले कैबिनेट वेतन आयोग की सिफारिशों को हर हाल में मंजूरी दे देगी।

04 August, 2008

फिर जिंदा हुया, रिटायरमेंट की उम्र 62 साल करने का प्रस्ताव

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का खाका तैयार कर रही सरकार के सचिवों की कमेटी ने, केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से 62 वर्ष करने की सिफारिश की है। इस बारे में रिपोर्ट कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री को भेजी गई है। आगामी हफ्तों में केबिनेट में इस पर विचार हो सकता है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने ऐसी ही कोशिश पिछले साल भी की थी, लेकिन तब वाम दलों के विरोध की वजह से उसने हाथ पीछे खींच लिए थे। लेकिन अब वाम दलों द्वारा सरकार से नाता तोड़ने के बाद हरकत में आई सरकार रिटायर हो रहे कर्मचारियों को तोहफा देने की तैयारी में है। कुछ दिनों में बढ़े हुए वेतन सिफारिशों के चलते खजाने पर बढ़े बोझ को पूरा करने के लिए रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का रास्ता उपयुक्त समझा जा रहा है।

हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार सचिवों की समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि इससे आगामी दो वर्षों तक रिटायर हो रहे कर्मचारियों के पेंशन बोझ से सरकार बची रहेगी।

03 August, 2008

मंत्री जी के अनुसार, वेतन आयोग पर फैसला शीघ्र

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विदेश शाखा का उद्घाटन करने हाँगकाँग पहुंचे केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर सरकार जल्द फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर जल्द निर्णय लेगी। छठा वेतन आयोग इस साल के शुरू में सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप चुका है। वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से करीब 30 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।