वेतन संशोधन समिति ने नवंबर,08 में इस बढ़ोतरी का सुझाव दिया था। गृह मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह (GoM) ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद समिति के सुझाव मानने के संकेत दिए हैं। कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव पर 30 मार्च को विचार किए जाने की संभावना है।
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30 March, 2009
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन बढ़ोत्तरी को आज मंजूरी मिल जायेग़ी!
अगर सब कुछ ठीक रहा तो चुनाव के इस मौसम में भी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Central Public Sector Enterprises) के अधिकारियों की बल्ले-बल्ले हो सकती है। अमूमन चुनाव के दौरान आचार संहिता के चलते सरकार कोई बड़ा फैसला लेने से बचती है पर इस बार उसने चुनाव आयोग से सीपीएसई के अधिकारियों का वेतन बढ़ाने की अनुमति ले ली है। वेतन में बढ़ोतरी को मंजूरी देते हुए चुनाव आयोग ने सरकार को सलाह दी है कि वह से इसे प्रचार का मुद्दा नहीं बनाए।
वेतन संशोधन समिति ने नवंबर,08 में इस बढ़ोतरी का सुझाव दिया था। गृह मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह (GoM) ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद समिति के सुझाव मानने के संकेत दिए हैं। कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव पर 30 मार्च को विचार किए जाने की संभावना है।
वेतन संशोधन समिति ने नवंबर,08 में इस बढ़ोतरी का सुझाव दिया था। गृह मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह (GoM) ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद समिति के सुझाव मानने के संकेत दिए हैं। कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव पर 30 मार्च को विचार किए जाने की संभावना है।
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23 March, 2009
चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को छठा वेतनमान की हरी झंडी दी
चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को छठा वेतनमान देने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही राज्य के दो लाख कर्मचारियों को अप्रैल का वेतन छठे वेतनमान की अनुशंसाओं के मुताबिक मिलेगा। सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरविंद दीक्षित ने मीडिया को बताया हैकि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को 1 जनवरी 2006 से छठे वेतनमान की अनुशंसाएँ लागू करने के संबंध में आयोग से अनुमति माँगी थी। इस पर मुहर लगाते हुए आयोग ने कहा है कि राज्य शासन के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है।
राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की बकाया राशि तीन किस्तों में तथा 1 सितंबर 2008 से वेतन के साथ नगद भुगतान का निर्णय लिया था। आचार संहिता लागू होने से पहले 2 मार्च को मंत्रिमंडल ने भी इस संबंध में निर्णय लिया था। वहीं, छठा वेतनमान लागू करने के लिए कर्मचारी संगठन राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाए हुए थे। आदेश जारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। आयोग की अनुमति मिलने के बाद बेमुद्दत हड़ताल की चेतावनी को वापस ले लिया गया है।
राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की बकाया राशि तीन किस्तों में तथा 1 सितंबर 2008 से वेतन के साथ नगद भुगतान का निर्णय लिया था। आचार संहिता लागू होने से पहले 2 मार्च को मंत्रिमंडल ने भी इस संबंध में निर्णय लिया था। वहीं, छठा वेतनमान लागू करने के लिए कर्मचारी संगठन राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाए हुए थे। आदेश जारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। आयोग की अनुमति मिलने के बाद बेमुद्दत हड़ताल की चेतावनी को वापस ले लिया गया है।
27 October, 2008
राजस्थान के कर्मचारियों को दीपावली के अवसर पर बोनस की अनुमति
केन्द्रीय चुनाव आयोग ने राजस्थान के राज्य कर्मचारियों को दीपावली के अवसर पर बोनस बांटे जाने की अनुमति दे दी है। आयोग से 25 अक्टूबर को ही इस संबंध में राज्य निर्वाचन विभाग को सूचना मिली। निर्वाचन विभाग ने बोनस बांटने के संबंध में सभी संबंधित विभागों को सूचित कर दिया है। इससे राज्य सरकार के करीब 4.50 लाख कर्मचारियों को बोनस मिल सकेगा। राजस्थान रोडवेज, हाउसिंग बोर्ड और स्पिनफैड सहित कई विभाग पहले ही कर्मचारियों को बोनस देने का फैसला कर चुके हैं। ये भी केन्द्रीय चुनाव आयोग की हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे थे।
राज्य सरकार ने 5 दिन पहले ही वित्त विभाग के माध्यम से चुनाव आयोग को बोनस का प्रस्ताव बनाकर भिजवाया था। सरकार का तर्क था कि कर्मचारियों को हर साल बोनस दिया जाता रहा है, इसलिए इस बार भी कर्मचारियों को बोनस बांटा जाना है, इसलिए बोनस बांटने में आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं है। इससे पहले सरकार ने राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत अधिकतम 3500 रुपए बोनस देने का फैसला किया था। वित्त विभाग के अनुसार 30 दिन के हिसाब से कर्मचारियों को करीब 3387 रुपए का बोनस मिलेगा। वित्त विभाग का कहना है कि कर्मचारियों को सोमवार से बोनस का भुगतान शुरू हो जाएगा। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। ज्यादातर विभागों में बोनस के बिल पहले से ही तैयार कर लिए गए हैं।
राज्य सरकार ने 5 दिन पहले ही वित्त विभाग के माध्यम से चुनाव आयोग को बोनस का प्रस्ताव बनाकर भिजवाया था। सरकार का तर्क था कि कर्मचारियों को हर साल बोनस दिया जाता रहा है, इसलिए इस बार भी कर्मचारियों को बोनस बांटा जाना है, इसलिए बोनस बांटने में आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं है। इससे पहले सरकार ने राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत अधिकतम 3500 रुपए बोनस देने का फैसला किया था। वित्त विभाग के अनुसार 30 दिन के हिसाब से कर्मचारियों को करीब 3387 रुपए का बोनस मिलेगा। वित्त विभाग का कहना है कि कर्मचारियों को सोमवार से बोनस का भुगतान शुरू हो जाएगा। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। ज्यादातर विभागों में बोनस के बिल पहले से ही तैयार कर लिए गए हैं।
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