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29 June, 2008

वेतन आयोग की सिफारिश जनवरी 2006 की जगह जनवरी 2007 से लागू !?

छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने के लिए बनी कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने सरकारी कर्मचारियों को सालाना चार प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी देने की सिफारिश की है। कर्मचारियों को निराशा पहुंचाने वाली सबसे अहम बात है कि उन्हें एक जनवरी 2006 की जगह एक जनवरी 2007 से एरियर देने की सिफारिश की गई है। नए वेतनमान से निचले स्तर के कर्मचारियों को फायदा हुआ है जबकि संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को नुकसान हुआ है। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर सभी वर्ग के कर्मचारियों को घोर आपत्ति थी। इन्हीं आपत्तियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति का गठन किया था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर दी है जिसे संभवत: 29 जून की बैठक के बाद पेश किया जाएगा। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बहुत परिवर्तन नहीं किया लेकिन उन बिंदुओं पर संशोधन कर दिया है जहां आपत्तियां थीं।

एक अहम सुझाव कर्मचारियों के सालाना वेतन वृद्धि को लेकर है। छठे वेतन आयोग ने 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक वेतन बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। अब समिति ने सभी के लिए कुल वेतन का 4 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की है। एक और अहम पहलू है वेतन आयोग की सिफारिश 1 जनवरी 2006 की जगह एक जनवरी 2007 से लागू होगी। छठे वेतन आयोग ने कुल 22 वेतनमान और चार पे-बैंड तय किए थे। समिति ने वेतनमानों की संख्या घटाकर 15 कर दी और पे-बैंडों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी। इससे वरिष्ठता और कनिष्ठता का जो बवाल खड़ा हो गया था वह दूर हो जाएगा।