22 February, 2013

बोनस की सीमा बढ़ाने से सरकार का इंकार

अर्थव्यवस्था के समक्ष आ रही चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाते हुए 22 फरवरी को सरकार ने बोनस सीमा को बढ़ाने से इंकार कर दिया।

श्रम राज्यमंत्री के. सुरेश ने कांग्रेस के रामचन्द्र खूंटिया के निजी विधेयक पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था नरमी के दौर से गुजर रही है। ऐसे में यदि बोनस की सीमा को बढ़ाया जाता है तो इससे सरकार पर काफी आर्थिक बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे में बोनस सीमा बढ़ाने के लिए बोनस संदाय कानून 1965 में संशोधन करने को उपयुक्त नहीं मानती। मंत्री के बयान के बाद उक्त कानून में संशोधन के लिए लाये गये खूंटिया के निजी विधेयक.. ‘बोनस संदाय संशोधन विधेयक’ को सदन ने ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया।

22 August, 2011

'सूचना का अधिकार' के तहत जान सकते हैं निलंबन आदेश, चार्जशीट की जानकारी

सरकारी अधिकारियों को जारी निलंबन आदेश और चार्जशीट का खुलासा सूचना का अधिकार (आरटीआई)के तहत हो सकता है। ये कोई निजी जानकारियां नहीं हैं। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने यह व्यवस्था दी है।
सीआईसी ने कहा कि चार्जशीट और निलंबन आदेश सार्वजनिक गतिविधियों के तौर पर जारी किए जाते हैं। अत: इनका आरटीआई आवेदकों को खुलासा किया जा सकता है।

यह मामला जयलक्ष्मी द्वारा लगाए गए आरटीआई आवेदन से संबंधित है। वे सिंडीकेट बैंक के उन अधिकारियों का नाम जानना चाहती थीं जिन्हें निलंबित किया गया था या जिन्हें चार्जशीट थमाई गई थी। बैंक ने उनका आवेदन खारिज कर दिया था। उसका कहना था कि इस आवेदन में कोई जनहित नहीं है। यह थर्ड पार्टी को सूचना है। इससे जांच और विभागीय कार्रवाई में बाधा पड़ेगी। लेकिन सूचना आयुक्त शैलेष गांधी ने ये तर्क नहीं माने।

23 August, 2010

जल्दी ही मिलेगा बीमाकर्मियों को तोहफा

सरकारी बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को जल्दी ही वेतनवृद्धि का तोहफा मिलने वाला है। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की चार साधारण बीमा कंपनियों एवं भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कर्मियों के  वेतन में 17.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने जा रही है। जनरल इंश्योरेंस पब्लिक सेक्टर एसोसिएशन (जिप्सा) के सीईओ एके. सिंघल के मुताबिक इस वृद्धि पर सितंबर के अंत तक सरकार की मंजूरी मिल सकती है। यह वेतन वृद्धि वर्ष 2007 से प्रभावी होगी। इससे पहले बीमाकर्मियों की तनख्वाह वर्ष 2002 में बढ़ी थी, तब इसमें 13 फीसदी का इजाफा हुआ था।

साधारण बीमा कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस ने वित्त मंत्रालय को बीते 17 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें कर्मियों के वेतन में उक्त वृद्धि की सिफारिश की गई है। जिप्सा इन्हीं चारों बीमा कंपनियों का संगठन है। खबरों पर भरोसा किया जाए तो देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी ने भी वेतन में बढ़ोतरी को लेकर पिछले सप्ताह अपनी सिफारिशें वित्त मंत्रालय को सौंप दी हैं। मंत्रालय, रिपोर्ट की समीक्षा कर चार-छह सप्ताह में जवाब देगा। वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद रिपोर्ट को संसद में पेश किया जाएगा

28 April, 2010

46 कामर्शियल बैंकों के लाखों कर्मचारियों के वेतन समझौते पर हुए ह्स्ताक्षर: अगले महीने से मिलना शुरू

बैंककर्मियों के वेतन वृद्धि को लेकर छाई अनिश्चितता खत्म हो गई है। देश के लगभग 46 कामर्शियल बैंकों के लाखों कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का रास्ता साफ करते हुए 27 अप्रैल को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और बैंक कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच सहमति बन गई है। मुंबई में कई घंटे और कई दौर की बातचीत के बाद बैंक प्रबंधन ने वेतन वृद्धि और पेंशन विकल्प देने के सुझाव को स्वीकार कर लिया है।

इस समझौते पर आईबीए और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इससे बैंकों की वेतन लागत में 17.5 फीसदी की वृद्धि होगी। दूसरी तरफ बैंककर्मियों के वेतन में औसतन 3 हजार से 4 हजार रुपये प्रति महीने की वृद्धि संभावित है। यह वृद्धि नंवबर, 2007 से लागू मानी जाएगी।

बैंकों का मैनेजमेंट नंवबर, 2007 से अप्रैल, 2010 तक की अवधि के लिए वेतन वृद्धि को कुछ किश्तों में देने को तैयार हो गया है। ताजा फैसले के चलते कामर्शियल बैंकों पर सालाना 4 हजार 816 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसके अलावा जिन बैंककर्मियों ने पहले पेंशन विकल्प का चुनाव नहीं किया था, उन्हें एक बार फिर से पेंशन विकल्प का चयन करने की सुविधा देने का फैसला किया गया है। पेंशन विकल्प देने के चलते बैंकों पर 6 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लेकिन इसमें 1800 करोड़ रुपये का अंशदान बैंककर्मियों की तरफ से किया जाएगा। पेंशन विकल्प से लगभग 2.66 लाख बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों को फायदा होगा।

बैंककर्मचारियों और आईबीए के बीच किया गया यह समझौता पांच वर्षो के लिए लागू होगा। इसके बाद फिर से नए सिरे से वेतन वृद्धि पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कर्मचारियों को नया वेतन मई, 2010 से मिलने लगेगा। इससे दस लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों को फायदा होने की उम्मीद है। यह समझौता सरकारी क्षेत्र के 26, निजी क्षेत्र के 12 और 8 विदेशी बैंकों पर लागू होगा।

16 April, 2010

बीएसएनएल के तीन लाख से अधिक कर्मियों ने 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की

बीएसएनएल के तीन लाख से अधिक कर्मियों ने 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इससे बीएसएनएल का नेटवर्क प्रभावित होने की आशंका है। ये कर्मी बीएसएनएल की 30 फीसदी हिस्सेदारी बेचे जाने संबंधी प्रबंधन के फैसले का विरोध कर रहे हैं। बीएसएनएल के एक्जिक्यूटिव, नॉन-एक्जिक्यूटिव यूनियन व एसोसिएशन के ज्वॉइंट फोरम के संयोजक वीएएन नंबूदरी ने कहा कि प्रबंधन ने अभी तक उनकी बात नहीं सुनी है। इस कारण वे 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस हड़ताल में तीन लाख से अधिक बीएसएनएल कर्मी शामिल होंगे। इससे बीएसएनएल की सेवाओं पर खास असर पड़ सकता है। नौ करोड़ से अधिक ग्राहक संख्या वाले सरकारी उपक्रम बीएसएनएल की कमाई में लगातार गिरावट हो रही है। वर्ष 2008-09 में जहां बीएसएनएल की आय 575 करोड़ रुपए थी। वह वर्ष 2009-10 में दिसंबर तक घटकर 178 करोड़ रुपए रह गई। यूनियन विनिवेश की योजना रद्द किए जाने की मांग कर रही हैं।

20 March, 2010

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 फीसदी की बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई में केंद्रीय कर्मचारियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे कुल 40 लाख कर्मचारियों सहित पेंसनरों को भी लाभ होगा।

इससे पहले महंगाई भत्ते में 6 फीसदी तक की बढ़ोतरी होती रही थी। जंप मार्च को प्रधानमंत्री आवास में हुई बैठक के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया।

इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता 27 फीसदी से बढ़कर 35 फीसदी हो जाएगा। इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों को उनके वेतन के मुताबिक न्यूनतम 800 रुपए से अधिकतम 8 हजार रुपए तक का फायदा होगा।

16 March, 2010

हफ्ते में 40 घण्टे काम कीजिए: कब करना है यह आप पर छोड़ा गया

अगर आप गृह मंत्रालय में काम कर रहे हैं तो मन मसोस कर बार-बार घड़ी को देखना नहीं पड़ेगा। दरअसल, गृह मंत्रालय ने फ्लेक्सी आवर्स की नई योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत आपको अगर दफ्तर पहुंचने में देर हो जाती हैं या शाम को वक्त से पहले दफ्तर से निकलना चाहते हैं, तो आपको इसकी इजाजत होगी।

लेकिन आपको हफ्ते में कुल मिलाकर 40 घण्टे काम करना पड़ेगा।

गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने एक आदेश में कहा है कि देर से आने या वक्त से पहले जाने की भरपाई काम के अतिरिक्त घण्टे से की जानी है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि समूचे हफ्ते का 40 घण्टे का कार्यकाल पूरा हो।

22 December, 2009

नई कर व्यवस्था से कर्मचारियों की जेब गहरी कट सकती है: अगले 3 माह में देना पड़ेगा 12 माह का टैक्स!?

सरकार ने वेतनभोगी कर्मचारियों के आवास व यात्रा जैसे विभिन्न अनुलाभ भत्तों पर कर की गणना के नए नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इससे वेतनभोगी वर्ग पर कर का बोझ और बढ़ जाएगा। कर्मचारियों की कर देनदारी की गणना नये नियमों के अनुसार होगी और यह समाप्त कर दिए गए फ्रिंज बेनिफिट टैक्स (एफबीटी) की जगह लेगा। इससे वेतनभोगियों की जेब पर बोझ और बढ़ जाएगा।

मिल रही खबरों के अनुसार नियोक्ता द्वारा अपने कर्मचारी के परिवार को दिए जाने वाले आवास भत्ते, यात्रा भत्ते तथा अन्य अनुलाभों को शीघ्र ही आयकर काटने के उद्देश्य से वेतन में शामिल किया जायेगा। यह व्यवस्था एक अप्रैल, 2009 से लागू होगी।

उल्लेखनीय है कि अब तक वेतनभोगी कर्मचारी के इन भत्तों पर कर, नियोक्ता कंपनी एफबीटी के रूप में चुकाती थी। वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने एफबीटी को 2009-10 के बजट में समाप्त कर दिया था। जिन लाभों को करयोग्य वेतन में शामिल किया जाएगा उसमें नियोक्ता द्वारा देय आवास सुविधा, आधिकारिक तथा व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए वाहन पर खर्च, चालक का वेतन, नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले माली और सफाई कर्मचारी के वेतन तथा कर्मचारी के बच्चों को देय रियायती शिक्षा शामिल है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध अधिसूचना के अनुसार उक्त सभी अनुलाभ भतों को मूल्यांकन नियमों में शामिल किया गया है। आवासीय तथा यात्रा भत्ते के साथ-साथ नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली यात्रा, नि:शुल्क भोजन तथा शीतल पेय, आयोजन अवसरों पर कर्मचारी को मिले उपहार या वाउचर, यात्रा भत्ता व किसी क्लब की सदस्यता के लिए किए गए भुगतान के लिए मिलने वाली राशि की गणना भी नई आयकर गणना प्रणाली में होगी।

उल्लेखनीय है कि अनुलाभों को इससे पहले कर उद्देश्य के लिए वेतन में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें एफबीटी कहा गया था। उनका भुगतान कंपनी करती थी न कि कर्मचारी। जहां तक सरकारी कर्मचारियों की बात है तो नए गणना या मूल्यांकन नियम प्रतिनियुक्ति वाले कर्मचारियों के अलावा सभी के लिए समान होंगे। अर्नेस्ट एंड यंग के कर सहयोगी अमिताभ सिंह ने नये आयकर आकलन नियमों के बारे में पूछने पर कहा कि एफबीटी प्रणाली के तहत अनुलाभ का कर बोझ नियोक्ता पर रहता था लेकिन अब यह कर्मचारी पर होगा।

16 December, 2009

बैंक कर्मचारी आज, 16 दिसम्बर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर

देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एकीकृत करने के विरोध में बैंक कर्मचारी 16 दिसम्बर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल का आयोजन अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ और अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ ने किया है। हड़ताल में सार्वजनिक, निजी और विदेशी सभी बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं लेकिन इसका प्रभाव मुख्य रूप से सार्वजनिक बैंकों पर ही पड़ने की संभावना है।

फेडरल बैंक ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज को एक बयान में बताया कि हड़ताल से उसकी शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। तेलंगाना के प्रस्तावित विभाजन के कारण आंध्र प्रदेश में कानून व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए वहां के बैंकों को हड़ताल से मुक्त रखा गया है।

28 November, 2009

दस लाख बैंककर्मियों के वेतनमान पर समझौता हुया

दस लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन वृद्धि और पेंशन को लेकर इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बीच समझौता हो गया है। इस समझौते के तहत बैंक कर्मचारियों को 17.5 फीसदी वेतन वृद्धि और दूसरी बार पेंशन का विकल्प दिया जाएगा। नए कर्मचारियों को अगले वित्त वर्ष से न्यू पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में शामिल किया जाएगा। कई दौर की वार्ताओं के बाद मुंबई में हुए इस समझौते के तहत वेतन वृद्धि एक नवंबर 2007 से लागू होगी।

इसमें अधिकारी वर्ग की वेतन वृद्धि से 2,239 करोड़ रुपये और कर्मचारियों की वेतन वृद्धि से 2577 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। वर्ष 1993 में पेंशन स्कीम को न अपनाने वाले बैंक कर्मचारियों को पेंशन का दूसरा विकल्प देने पर भी दोनों पक्ष सहमत हो गए हैं। दूसरा पेंशन विकल्प देने से बैंकों पर छह हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। पेंशन भार का 70 फीसदी बैंक वहन करेंगे जबकि 30 फीसदी कर्मचारियों को वहन करना होगा

एक अप्रैल 2010 के बाद बैंक सेवाओं में आने वाले कर्मचारियों को एनपीएस में शामिल करने पर सहमति हो गई है।

आईबीए के सदस्य बैंकों में 7.50 लाख बैंक कर्मचारी हैं जबकि 2.50 लाख बैंक अधिकारी हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसे 90 दिनों के अंदर अंतिम रूप देकर ज्वाइंट नोट तैयार किया जाएगा।

समझौते पर सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक और इसकी पांच सब्सिडियरी को छोड़कर शेष सभी आईबीए के सदस्य बैंकों ने हस्ताक्षर किए हैं। कई निजी और विदेशी बैंक भी इसमें शामिल हैं।

हस्ताक्षर न करने के कारण एसबीआई और इसकी सब्सिडियरी बैंकों के कर्मचारियों पर यह समझौता लागू नहीं होगा।

कुल मिलाकर सार्वजनिक, निजी क्षेत्र और विदेशी 77 बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह समझौता लागू होगा।

02 September, 2009

बायोमीट्रिक प्रणाली से उपस्थित: महीने में कुल दस मिनट देर पर एक दिन की छुट्टी

भारत के सरकारी कर्मचारियों के लिए गृह मंत्रालय के कार्यालय में समय की पाबन्दी को बढ़ावा देने के लिए बायोमीट्रिक स्कैनर्स लगाये गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए काम पर समय से आने का संदेश गृह मंत्री पी चिंदबरम नई दिल्ली स्थित ने कार्यालय में सुबह नौ पहुँच कर और एक बायोमीट्रिक स्कैनर पर अपनी बीच की उंगली रख कर अपने आने का समय दर्ज कर दिया।

गृह मंत्री की तरह गृह मंत्रालय के हजारों कर्मचारी अपने आने जाने का समय दर्ज करने के लिए यही करेंगे। एक महीने दस मिनट देर से आने पर एक दिन की छुट्टी कटेगी। यह सरकारी कर्मचारियों की देर से आने और जल्दी चले जाने की परम्परा समाप्त करने की शुरुआत है.

रेल कर्मियों को एरियर, बोनस, मंहगाई भता इसी माह में!

दीवाली से महीना भर पहले ही रेल कर्मियों के घर लक्ष्मी का वरद हस्त इस बार पूरी तरह रहेगा। इस महीने रेल कर्मियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर बढ़े वेतन का बकाया रहता 60 प्रतिशत जो मिलने वाला है। इसके साथ 75 दिन के बोनस से भी रेल कर्मी लाभान्वित होंगे। और तो और पांच फीसदी महंगाई भत्ता भी मूल वेतन के साथ इसी माह मिलेगा।

केंद्र सरकार द्वारा घोषित छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर रेल विभाग ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से बकाया राशि दो चरण में देने का निर्णय लिया था और प्रथम किस्त के रूप में सभी रेल कर्मचारियों को बनती राशि की 40 फीसदी अदायगी नवंबर 2008 में कर दी गई और बकाया के भी अतिशीघ्र भुगतान का भरोसा दिया। अब उस बकाया 60 फीसदी राशि के लिए सितंबर माह निर्धारित हुआ है और संभावना है कि 15 से 17 सितंबर के अंतराल में तमाम कर्मचारियों को उनका बनता बकाया ऐरियर अदा कर दिया जायेगा।

रेल विभाग अपने कर्मचारियों को 75 दिन का बोनस भी इसी माह देगा। नियमानुसार सीलिंग बोनस के आधार पर 3500 रुपये प्रति माह के हिसाब से प्रत्येक रेल कर्मी को बनती राशि 24 सितंबर तक मिल जाने की खबर है।

अपने कर्मचारियों को रेलवे द्वारा महंगाई भत्ता भी इसी माह अदा होगा। प्रत्येक कर्मचारी को 5 फीसदी महंगाई भत्ता उनके मूल वेतन के साथ ही प्रारंभिक सप्ताह में अदा किया जाएगा।

26 August, 2009

केंद्रीय कर्मचारियों को त्योहारों पर तोहफा

सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद एरियर (बकाया राशि) की दूसरी किश्त जारी करने की घोषणा की है। खबरों के अनुसार दूसरी किश्त सितंबर में मिलने की संभावना है।

वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन बढ़ोतरी को जनवरी 2006 से लागू किया गया था। इस कारण केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया गया, मगर सरकार ने इसे दो भागों में देने का फैसला किया था।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर राशि जारी कर दी गई है। अब इसका ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय और विभाग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की बकाया राशि का आकलन करने के बाद इसे देंगे। ऐसे में एरियर सितंबर माह के वेतन में ही संभव हो पाएगा।

जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी में आये है, उनको दूसरी किश्त तभी मिलेगी, जब वे नई पेंशन स्कीम लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह अपने एरियर की दूसरी किश्त को भी साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) में जमा करने की भी छूट रहेगी।

19 August, 2009

सुंदर सेल्स गर्ल से बिक्री कम हो जाती है दुकान की!

यह खबर भी कम मजेदार नहीं। अभी तक यह माना जाता था कि यदि काउंटर पर सुंदर सेल्स गर्ल हो बिक्री बढ़ जाती है। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ आस्ट्रेलिया के एक ताजा सवेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि काउंटर पर सुंदर लड़कियों को बिठाना भी नुकसानदायक हो सकता है। शोध के मुताबिक जहां सेल्स गर्ल ज्यादा सुंदर होती है, वहां पर महिलाएं सामान खरीदना पसंद नहीं करतीं। क्योंकि उन्हें यह बात पसंद नहीं होती कि सेल्स गर्ल उनसे ज्यादा सुंदर और आकर्षक दिखे। सुंदर सेल्स गर्ल के कारण पुरुष भले उस दुकान की ओर आकषिर्त होते हों, लेकिन महिलाओं द्वारा उपेक्षित रह जाने कारण उस दुकान की बिक्री कम हो जाती है।

इस संबंध में शोधकर्ता बिनाका प्राइस का कहना है कि महिलाओं में स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा पाई जाती है। खरीदारी के लिए दुकान पर जाने वाली किसी महिला को लगता है कि काउंटर पर खड़ी सेल्स गर्ल उससे बेहतर है। तब वह उस दुकान से सामान खरीदना पसंद नहीं करती। इस लिहाज से खुदरा जगत में महिलाओं की यह प्रतिक्रिया दुकान की बिक्री को सीमित कर सकती है। प्राइस इसके पीछे मनौवैज्ञानिक कारणों को देखती हैं। उनका मानना है कि जब कोई महिला यह देखती है कि सेल्स गर्ल उससे सुंदर है तो वह अंदर ही अंदर बेचैन हो जाती है। उसका आत्मविश्वास नीचे चला जाता है और वह उस दुकान की ओर रुख करना पसंद नहीं करती।

18 August, 2009

महिलाएं चाहती हैं पुरूष बॉस!

वैसे तो यह खबर विदेश से आई है, लेकिन है कुछ चुटीली। हो सकता है यहाँ भी ऐसा ही कुछ सोचा जाता हो! दर असल ब्रिटेन में एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर महिलाएं किसी पुरूष बॉस के अधीन काम करना पंसद करती हैं। ब्रिटेन में मेल ऑनलाइन ने इस सर्वे को करवाने वाली वेबसाइट ‘वनपोल डाट कॉम’ के हवाले से खबर दी है कि दो-तिहाई महिला कर्मियों ने अपने कार्यालय में पुरूष बॉस को तरजीह दी क्योंकि वे अच्छे प्रबंधक साबित होते हैं तथा उनके मूड में भी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आता।

दो हजार महिलाओं में करवाए गए इस सर्वे में पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों तरह की काम करने वाली महिलाएं थीं जिनमें से 63 फीसदी ने पुरूष बॉसों पर अपनी सहमति बनाई जबकि सिर्फ 37 प्रतिशत महिलाओं ने ही महिला बॉसों को चुना। पुरूष बॉसों को चुनने के पीछे महिलाओं का तर्क था कि वे महिला बॉसों की अपेक्षा ज्यादा साफ और सीधे बात करने वाले तथा निर्णय लेने में अच्छे होते हैं। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि पुरूष बॉस व्यापार चलाने में सम्पूर्ण दृष्टिनिर्देश रखते हैं जिससे कम्पनी लम्बे समय के लिए उन्नति करती है।

हालांकि सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि महिला बॉस कार्यालय के अंदर कर्मचारियों के निजी मसलों को सुलझाने में ज्यादा कारगर होती हैं लेकिन पूरी तरह गाड़ी खींचने के लिए महिलाओं ने पुरूष बॉसों पर ही अपनी इच्छा कायम रखी।

आप भी देखिए दो लेख, यहाँ और यहाँ

27 June, 2009

एयर इंडिया के कर्मचारियों हेतु, बिना वेतन के स्वैच्छिक अवकाश की घोषणा

नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिए बिना वेतन के स्वैच्छिक अवकाश की घोषणा की है। साथ ही प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों को लेकर एक समिति का गठन किया गया है जो इस सरकारी एयरलाइंस को बदहाली से उबारने के उपाय सुझाएगी।

एयर इंडिया की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि योजना के तहत स्थाई कर्मचारी दो साल तक के लिए बिना वेतन या भत्ते के अवकाश पर जा सकते हैं और दोबारा उसी पद पर लौट सकते हैं, जहां से वे छुट्टी पर गए थे।

एयर इंडिया कर्मचारियों का वेतन भुगतान में देरी के विरोध में धरना

एक पखवाड़े तक वेतन टाले जाने के फैसले के विरोध में एयर इंडिया के कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार को हवाई अड्डे पर धरना दिया। एविएशन इंडस्ट्री इम्प्लायज गिल्ड (AIEG) के क्षेत्रीय महासचिव वी. जे. डेका ने बताया कि इंडिया के कर्मचारियों ने देश भर में अपने संबंधित स्टेशनों पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि विरोध हमारे वेतन को एक पखवाड़े तक के लिये टाले जाने के प्रबंधन के फैसले के खिलाफ है। एयर इंडिया के तीन कर्मचारी संगठन एआईईजी, एयर कॉरपोरेशन एंप्लॉयीज यूनियन (ACEU) और इंडियन एयरक्राफ्ट टेक्नीशियंस असोसिएशन (IATA)ने इससे पहले 22 से 25 जून तक विरोध स्वरूप काला बिल्ला लगाने का फैसला किया था।

यूनियन का कहना था कि अगर प्रबंधन 30 जून को वेतन देने में विफल रहता है तो करीब 24,000 कर्मचारी 'वेतन नहीं, काम नहीं' के तहत अपनी ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।

24 June, 2009

कोल इंडिया में अब अधिकतम 10 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी

कोल इंडिया के कर्मचारियों और अधिकारियों को 3.50 लाख की जगह अब अधिकतम 10 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी मिलेगी। इससे पहले यह सीमा साढ़े तीन लाख तक की थी। इससे कोल इंडिया के 4.50 लाख और एसईसीएल के करीब 80 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

कोल इंडिया के अफसरों की तनख्वाह बढ़ाने के महीने भर बाद ही कर्मचारियों और अधिकारियों को दूसरी सौगात मिली है कि ग्रेच्युटी की राशि करीब तीन गुना बढ़ा दी गई है। पूर्व में रिटायरमेंट या अन्य किसी कारण से सेवामुक्त होने पर कर्मचारियों को उनकी उपस्थिति के आधार पर अधिकतम साढ़े तीन लाख रुपए तक ग्रेच्युटी दी जाती थी। राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-8 के अंतर्गत अब यह राशि अधिकतम 10 लाख तक मिलेगी।

कोल इंडिया से इस आशय के बारे में आदेश, प्रबंधन को मिल गए हैं। भविष्य में जो भी कर्मचारी या अधिकारी सेवामुक्त या फिर सेवानिवृत्त होंगे, उन्हें ग्रेच्युटी एक्ट के प्रावधानों को पूरा करने पर नए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की राशि मिलेगी। उल्लेखनीय है कि कोल इंडिया ने अफसरों की तनख्वाह 30 फीसदी तक बढ़ाने का आदेश माह भर पूर्व जारी किया था।

उन्हें 1 जनवरी 2007 से एरियर्स दिया जाएगा। इसके बाद यह फैसला उनके लिए दूसरी सौगात होगा।

23 June, 2009

एयर इंडिया अपने कर्मचारियों के वेतन में कमी करेगी

एयर इंडिया ने आज साफ कर दिया कि वह अपने कर्मचारियों के वेतन में कमी करेगी। लेकिन एक भी कर्मचारी की छंटनी नहीं होगी। कम्पनी ने ऐलान किया है कि वेतन में कमी और दूसरे गैर-जरूरी खर्चों में कटौती कर उसका 500 करोड़ रुपए बचाने का लक्ष्य है। एयर इंडिया प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के बीच हुई बातचीत में कर्मचारियों के खर्च से यह कटौती करने की बात तय हुई है।

खर्चों में कटौती के लिए एयर इंडिया ने एक नई समिति बनाई है, जिसमेंमानव संसाधन और वित्तीय विभाग के अधिकारी शामिल हैं। यह देखेगी कि किस तरह से यह कटौती की जा सकती है। यह समिति 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट दे देगी और उसके सुझावों पर जल्द से जल्द अमल करने की कोशिश की जाएगी। वैसे मंदी की मार सहती कम्पनी भारी घाटे से गुजर रही है। पिछले साल कम्पनी को 4,000 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वहीं इस साल एयर इंडिया को हर रोज 14-15 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।

वैसे फिलहाल फंड संबंधित दिक्कतों का सामना करती एयर इंडिया की कर्मचारी संख्या 31,000 है।

15 June, 2009

NJCS की बैठक कल: किसी नतीजे पर पहुँचने की उम्मीदें बढ़ीं

एनजेसीएस की बैठक 16 जून को नई दिल्ली में है। इसमें वेतन पुनर्निर्धारण पर ही चर्चा होगी। अधिकांश यूनियन नेताओं को इस बैठक में वेज रिवीजन फाइनल हो जाने की उम्मीद है। पिछली बैठक में मैनेजमेंट ने बेसिक व डीए का 25 फीसदी मिनिमम गारण्टेड बेनिफिट देने का आफर दिया था। यूनियन नेताओं ने इसे बढ़ाने की मांग की और बात नहीं बनी। आखिरकार मामला अगली बैठक के लिए टल गया। मंगलवार को होने वाली बैठक कहीं फिर बेनतीजा समाप्त तो नहीं होगी? इस सवाल पर कुछ केंद्रीय यूनियन नेता फिलहाल अपना नाम प्रकाशित न करने के अनुरोध के साथ बताते हैं कि इस बार की बैठक में उन्हें ठोस नतीजे की उम्मीद है।

उनके अनुसार प्रबंधन पहले केवल मूल वेतन पर ही मिनिमम गारण्टेड बेनिफिट का आफर दे रहा था लेकिन उसने पिछली बैठक में बेसिक व डीए पर एमजीबी का आफर दिया। यह एक अच्छा संकेत है और यूनियन नेताओं की बड़ी जीत है। यूनियन नेताओं के अनुसार मैनेजमेंट पिछली बैठक में यूनियन की मांग के काफी करीब पहुंच गया था। अब उस पर और थोड़ा दबाव बनाने की जरूरत है। यदि वह 30 प्रतिशत मिनिमम गारण्टेड बेनिफिट देने के लिए इस बैठक में सहमत हो जाता है तो बात बन सकती है जिसकी संभावना ज्यादा नजर आ रही है।

कुछ यूनियन नेताओं का अयह भी कहना है कि वे अफसरों के वेतन पुनर्निर्धारण का भी इंतजार कर रहे थे। यदि अफसरों का वेतन पुनर्निर्धारण हो जाता तो उनके न्यूनतम मूल वेतन के आधार पर कर्मियों के लिए भी दबाव बनाना ज्यादा कारगार रहता। अब तक अफसरों का वेज रिवीजन नहीं होने से वे बहुत ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में नहीं हैं।

पिछले वेतन पुनर्निर्धारण में अफसरों व कर्मियों के बीच वेतन ढ़ाँचे में बहुत ज्यादा अंतर हो गया था। कर्मी उम्मीद कर रहे हैं कि इस वेज रिवीजन में उस अंतर की कुछ हद तक भरपाई हो सकेगी। वैसे प्रबंधन ने पिछली बैठक में जो प्रस्ताव दिया था उसके हिसाब से गणना करने पर न्यूनतम मूल वेतन 8102 रुपए होता है। इस बेसिक को यूनियन नेता और कितना बढ़वा पाते हैं यह मंगलवार की बैठक में ही स्पष्ट हो सकेगा। यूनियन नेताओं की उम्मीदों के विपरीत अगर बैठक बेनतीजा समाप्त हुई तो कर्मियों को फिर एक बार निराश होना पड़ेगा। वरना अफवाहों पर ध्यान दिया जाये तो 22 जून से भुगतान की भी बातें चल रहीं!