पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देश में पांच लाख कालेज शिक्षकों को दीपावली पर बढ़े हुए वेतन और भत्ते नहीं मिल सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने 17 अक्टूबर को कहा कि चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता के लागू हो जाने के कारण इसे अंजाम देने में मुश्किलें आ रही हैं।
दैनिक हिन्दुस्तान में राजिव रंजन नाग के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशें मान लिये जाने के बावजूद सरकार इसे 4 दिसंबर (चुनाव संपन्न होने तक) तक लागू नहीं कर सकेगी। अगले महीने पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, इनमें राजधानी दिल्ली के अलावा राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ शामिल हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा गठित प्रोफेसर जी.के. चढ्डा कमेटी ने पिछले दिनों कालेज शिक्षकों के वेतन-भत्ते में 70 फीसदी की वृद्धि और अकादमिक सुविधाओं की सिफारिश की थी। इसका लाभ केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों के पांच लाख से अधिक शिक्षकों को मिल सकेगा।
मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि जून 2006 में उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी छात्रों को 27 फीसदी आरक्षण की घोषणा के कारण फजीहत झेल चुके अर्जुन सिंह इसकी पुनरावृत्ति नहीं चाहते हैं। तब तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पांडिचेरी में विधान सभा चुनाव के दौरान आरक्षण की घोषणा पर चुनाव आयोग ने गंभीर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह को आयोग के दफ्तर में बुलाकर सफाई देने का निर्देश दिया था।
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19 October, 2008
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