उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अपने उन कर्मचारियों के लिये नयी पेंशन व्यवस्था (एनपीएस) पहले ही लागू कर दी है जिन्होंने एक जनवरी 2004 या उसके बाद ज्वाइन किया है। अगस्त 2008 में सरकार ने पीएफआरडीए को सभी नागरिकों के लिये एनपीएस शुरू किये जाने का सुझाव दिया था।
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20 March, 2009
आचार संहिता की वजह से बहुचर्चित पेंशन स्कीम टली
सरकार ने आम चुनावों के मद्देनजर चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए एक अप्रैल से शुरू की जाने वाली बहुचर्चित पेंशन स्कीम को टाल दिया है। आधिकारिक बयान के अनुसार आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथोरिटी (पीएफआरडीए) के लिये योजना संबंधी कार्यों को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाना फिलहाल संभव नहीं है। बयान के मुताबिक इसीलिए नयी पेंशन प्रणाली को लांच किये जाने की तारीख टाले जाने का फैसला किया गया है।
03 March, 2009
छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को केंद्रीय वेतनमान
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के दो लाख सरकारी कर्मचारियों को केंद्रीय वेतनमान देने का फैसला किया है। इससे कर्मचारियों की तनख्वाह औसतन 20 फीसदी बढ़ जाएगी। बढ़ा हुआ वेतन पहली अप्रैल से मिलने लगेगा। छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का फैसला 2 मार्च की सुबह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया। बैठक के चार घंटे बाद लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और देशभर में आचार संहिता लागू हो गई।
वैसे कर्मचारियों को वेतन की 20 फीसदी राशि अंतरिम राहत के रूप में सितम्बर 2008 से मिल रही है। नियमित सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2006 से लागू होंगी। इसका नकद भुगतान एक सितम्बर 2008 से किया जाएगा। एक जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक के एरियर्स का भुगतान तीन किस्तों में किया जाएगा। यह राशि 30, 30 व 40 फीसदी की किस्तों में होगी। वहीं एक सितम्बर 2008 से 31 मार्च 2009 अवधि के एरियर्स का भुगतान वित्तीय वर्ष 2009-10 में किया जाएगा।
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17 November, 2008
राजस्थान रोडवेज में छठा वेतनमान लागू
राजस्थान रोडवेज में छठा वेतनमान 17 नवम्बर से लागू हो जाएगा। इसका 22 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। राजस्थान रोडवेज ने बोर्ड की बैठक में पिछले महीने छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मंजूरी दी थी। चुनाव आचार संहिता के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। इसके लिए चुनाव आयोग ने अनुमति मांगी गई। वहां से अनुमति मिलने के बाद रोडवेज अध्यक्ष ने इसे लागू करने के आदेश दे दिए हैं।
संभवतया यह सोमवार से लागू हो जाएगा। सवा चार सौ करोड़ के घाटे से जूझ रहे रोडवेज को इसे लागू करने के बाद 9 करोड़ रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त भार पड़ेगा। इससे निपटने के लिए रोडवेज प्रशासन ने डिपो के मुख्य प्रबंधकों को आय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
संभवतया यह सोमवार से लागू हो जाएगा। सवा चार सौ करोड़ के घाटे से जूझ रहे रोडवेज को इसे लागू करने के बाद 9 करोड़ रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त भार पड़ेगा। इससे निपटने के लिए रोडवेज प्रशासन ने डिपो के मुख्य प्रबंधकों को आय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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19 October, 2008
आचार संहिता के चलते बढ़े वेतन, भत्ते नहीं मिलेंगे
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देश में पांच लाख कालेज शिक्षकों को दीपावली पर बढ़े हुए वेतन और भत्ते नहीं मिल सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने 17 अक्टूबर को कहा कि चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता के लागू हो जाने के कारण इसे अंजाम देने में मुश्किलें आ रही हैं।
दैनिक हिन्दुस्तान में राजिव रंजन नाग के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशें मान लिये जाने के बावजूद सरकार इसे 4 दिसंबर (चुनाव संपन्न होने तक) तक लागू नहीं कर सकेगी। अगले महीने पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, इनमें राजधानी दिल्ली के अलावा राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ शामिल हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा गठित प्रोफेसर जी.के. चढ्डा कमेटी ने पिछले दिनों कालेज शिक्षकों के वेतन-भत्ते में 70 फीसदी की वृद्धि और अकादमिक सुविधाओं की सिफारिश की थी। इसका लाभ केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों के पांच लाख से अधिक शिक्षकों को मिल सकेगा।
मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि जून 2006 में उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी छात्रों को 27 फीसदी आरक्षण की घोषणा के कारण फजीहत झेल चुके अर्जुन सिंह इसकी पुनरावृत्ति नहीं चाहते हैं। तब तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पांडिचेरी में विधान सभा चुनाव के दौरान आरक्षण की घोषणा पर चुनाव आयोग ने गंभीर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह को आयोग के दफ्तर में बुलाकर सफाई देने का निर्देश दिया था।
दैनिक हिन्दुस्तान में राजिव रंजन नाग के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशें मान लिये जाने के बावजूद सरकार इसे 4 दिसंबर (चुनाव संपन्न होने तक) तक लागू नहीं कर सकेगी। अगले महीने पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, इनमें राजधानी दिल्ली के अलावा राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ शामिल हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा गठित प्रोफेसर जी.के. चढ्डा कमेटी ने पिछले दिनों कालेज शिक्षकों के वेतन-भत्ते में 70 फीसदी की वृद्धि और अकादमिक सुविधाओं की सिफारिश की थी। इसका लाभ केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों के पांच लाख से अधिक शिक्षकों को मिल सकेगा।
मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि जून 2006 में उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी छात्रों को 27 फीसदी आरक्षण की घोषणा के कारण फजीहत झेल चुके अर्जुन सिंह इसकी पुनरावृत्ति नहीं चाहते हैं। तब तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पांडिचेरी में विधान सभा चुनाव के दौरान आरक्षण की घोषणा पर चुनाव आयोग ने गंभीर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह को आयोग के दफ्तर में बुलाकर सफाई देने का निर्देश दिया था।
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