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02 June, 2009

उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों को जनवरी 2009 से 22% मंहगाई भत्ता

उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी पूर्णकालिक नियमित राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों तथा यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों के लिए महंगाई भत्ते की संशोधित दरों का शासनादेश जारी कर दिया है। संशोधित दर पर महंगाई भत्ता पहली जनवरी 2009 से देय होगा और यह मूल वेतन का 22 प्रतिशत होगा।

पहली जनवरी से 31 मई तक देय महंगाई भत्ता भविष्य निधि खाते में डाल दिया जायेगा। इसे पहली जनवरी से ही भविष्य निधि खाते में जमा माना जायेगा। जून से देय महंगाई भत्ता जुलाई से नकद मिलने लग जाएगा। जिन कर्मियों की सेवाएं इस शासनादेश के जारी होने की तिथि से पूर्व समाप्त हो गई हों या जो अधिवर्षता की आयु पर 31 मार्च 2010 तक सेवा निवृत्त होने वाले हों, उनको देय महंगाई भत्ते की बकाये धनराशि का भुगतान नकद किया जाएगा।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि स्वीकृत महंगाई भत्ता उन कर्मचारियों, शिक्षकों को भी, जो प्रभावी होने की तिथि [एक जनवरी 2009] को सेवारत थे लेकिन शासनादेश जारी होने से पूर्व किन्हीं कारणों- चाहे अनुशासनिक कार्रवाई के कारण, मृत्यु के कारण या इस्तीफा देने के कारण समाप्त हो गई हैं, सेवा समाप्ति की तिथि तक अनुमन्य होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते के आगणन के लिए मूल वेतन का तात्पर्य एक जनवरी 2008 से लागू, पुनरीक्षित वेतन संरचना में कर्मचारियों का अनुमन्य वेतन बैंड में वेतन तथा अनुमन्य ग्रेड वेतन के योग से होगा किन्तु नियमित वेतनमान में अनुमन्य वेतन ही मूल वेतन माना जाएगा। विशेष वेतन, सीमान्त विशेष वेतन, भत्ता, वैयक्तिक वेतन, प्रतिनियुक्ति भत्ता, वेतन आदि भले ही मूल नियम के अंतर्गत वेतन की परिभाषा में आते हों, को मूल वेतन के साथ शामिल नहीं किया जाएगा। प्रैक्टिस वेतन भत्ता को वेतन का अंश माना जाएगा।

05 September, 2008

कर्मचारियों को एक बच्चे की पढाई पर अब 1000 रुपये महीना भत्ता

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से भी एक कदम आगे बढकर बढे वेतन और भत्ते देने का सिलसिला जारी रखते हुये केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को उनके बच्चों की पढाई पर दिया जाने वाला शिक्षा भत्ता 40 रुपये से बढाकर 1000 रुपये महीना कर दिया है। शिक्षा भत्ता अधिकतम दो बच्चों के लिये मिलेगा। सरकार ने इस संबंध में नये आदेश जारी कर दिये हैं। बच्चों की नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढाई पर कर्मचारियों को अब प्रत्येक बच्चे के लिये अधिकतम 1000 रुपये महीना शिक्षा भत्ता मिलेगा। सरकार ने बच्चों का शिक्षा भत्ता और स्कूल की ट्यूशन फीस के एवज में दी जानी वाली राशि दोंनों को मिलाकर 'चिल्ड्रन एजूकेशन एलाउंस स्कीम' बना दी है1 योजना एक सितंबर 2008 से लागू मानी जायेगी। छठे वेतन आयोग ने भी यही सिफारिश की थी।

पति, पत्नी दोंनों सरकारी कर्मचारी होने की स्थिति में किसी एक को ही बच्चों के शिक्षा भत्ते का लाभ मिलेगा। पढाई के दौरान बच्चों की हास्टल सुविधा के मामले में अधिकतम 3000 रुपये हास्टल सहायता दी जायेगी। यह सुविधा भी दो बच्चों के लिये ही होगी1 लेकिन हास्टल सुविधा के साथ शिक्षा भत्ता नहीं मिलेगा। नये आदेश के मुताबिक नये वेतन ढांचे में जब जब महंगाई भत्ता बढकर 50 प्रतिशत तक पहुंच जायेगा शिक्षा शुल्क भत्ते में अपने आप ही 25 प्रतिशत वृद्धि हो जायेगी। शिक्षा भत्ता पाने के लिये कर्मचारी को शिक्षा खर्च की स्वप्रमाणित मूल रसीद कार्यालय में देनी होगी उसी के आधार पर राशि जारी कर दी जायेगी।

योजना के तहत बच्चों की ट्यूशन फीस, दाखिला खर्च, प्रयोगशाला, कृषि, इलेक्ट्रानिक्स, संगीत तथा किसी अन्य विषय के लिये मांगी गई विशेष फीस का भी भुगतान शामिल होगा। किसी एक कक्षा के लिये पुस्तक और कापियों का एक सेट, वर्दी के दो सेट, एक जोडी जूते सभी कुछ इस शिक्षा भत्ते योजना के तहत मिलेगा। यह सब एक बच्चे के लिये अधिकतम सालाना 12000 रुपये की सीमा में ही होगा। योजना के तहत कर्मचारी हर तीन महीने में रकम पाने के लिये अपना दावा कर सकेंगे। प्रत्येक तिमाही में 3000 रुपये से अधिक अथवा कम राशि का दावा किया जा सकता है लेकिन सालभर में यह राशि 12000 रुपये से अधिक नहीं होगा।

अपडेट, 26 सितम्बर: अविनाश जी के आग्रह पर लिंक जोड़ी गयी

16 August, 2008

राजस्थान ने किया पांच दिन के कार्यदिवस का ऎलान

बीकानेर के करणीसिंह स्टेडियम में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 61 वें स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देते हुए केन्द्र की तर्ज पर राज्य में पांच दिनों का कार्यदिवस लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य कर्मचारियों के लिए उनका बकाया 6 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की भी घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने निगम, बोर्ड और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सेवानिवृति आयु सीमा 60 वर्ष करने की घोषणा की। अभी तक इन संस्थाओं में सेवानिवृति आयु 58 वर्ष है।

29 July, 2008

महंगाई भत्ते की गणना बदलने से वेतन में 300 रुपये से 3000 रुपये की बढ़ोतरी

सरकार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। दरअसल, छठे वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना का जो तरीका अपनाए जाने की सिफारिश की थी, सचिवों की समिति (CoS) ने उसमें तब्दीली की सलाह दी है। यदि यह सलाह मान ली गई, तो अगल-अलग पद के हिसाब से कर्मचारियों के वेतन में हर महीने 300 रुपये से 3000 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। कैबिनेट सेक्रेटरी के. एम. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में बनी सचिवों की समिति अपनी रिपोर्ट को आखिरी रूप दे रही है। जल्द ही इस रिपोर्ट को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।

इकोनोमिक टाइम्स में दीपशिखा सिकरवार के अनुसार छठे वेतन आयोग ने डीए फिक्स करने का जो तरीका दिया था, उस पर हर ओहदे के कर्मचारियों ने भारी ऐतराज जताया था। इसे देखते हुए सीओएस ने डीए गणना का नया तरीका दिया है, जिससे कर्मचारियों को 300 रुपये से 3000 रुपये तक का अतिरिक्त फायदा मिलेगा।

16 July, 2008

पंजाब सरकार के कर्मियों व पेंशनरों का डीए छह फीसदी बढ़ा

पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रारम्भिक वेतन और डीपी पर महंगाई भत्ता 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 47 प्रतिशत कर दिया है। इसका भुगतान पहली जनवरी, 2008 से किया जाएगा। एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि पहली जनवरी, 2008 से 31 जुलाई, 2008 तक का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता कर्मचारियों के जीपीएफ में जमा कर दिया जाएगा जबकि पहली अगस्त, 2008 से महंगाई भत्तो की किश्त नकद दी जाएगी।

पेंशनरों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता पहली जनवरी, 2008 से नकद दिया जाएगा। पहली जनवरी, 2004 को या इसके बाद कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम के तहत नौकरी में आए कर्मचारी, जिनका टायर-2 योजना के तहत खाता नहीं खुला, उन कर्मचारियों के नाम पर विभाग पंजाब राज्य के डाकखानों से राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट/किसान विकास पत्रों की खरीद करेगा। इस संबंधी सभी विभागाध्यक्षों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, जिला व सेशन जजों तथा राज्य के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश भेज दिए गए हैं।