28 November, 2008
उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों के लिए छठा वेतन आयोग लागू
शिक्षकों को बिना किसी संघर्ष के छठे वेतनमान का तोहफा मिल गया है। राज्य कर्मचारियों के साथ ही सभी सहायता प्राप्त कालेजों के शिक्षकों और तकनीकी कालेजों के शिक्षकों को भी नए वेतनमान देने का फैसला किया गया है। पहली बार पेंशन, पारिवारिक पेंशन, मातृत्व लाभ, सीसीए, गच्चुटी और अन्य भत्ते केंद्र की ही तरह से मिलेंगे।
27 November, 2008
तेल कंपनियों के अधिकारी हड़ताल पर गए तो कार्रवाई!
पेट्रोलियम सचिव आरएस। पांडे ने तेल कंपनियों के आला अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है। तेल कंपनियों को साफ तौर पर कहा गया है कि वे सबसे पहले तो यह सुनिश्चित करें कि हड़ताल होने की स्थिति में भी कंपनियों के काम पर खास असर नहीं पड़े। सभी तेल कंपनियों ने आपातकालीन तैयारी भी शुरू कर दी है। खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि किसी भी स्थिति में रिफाइनरियों में काम सुचारु रूप से चलता रहे।
सनद रहे कि ओसा ने सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने के सरकार के फैसले को अपर्याप्त मानते हुए दो दिसंबर, 2008 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। ओसा का कहना है कि सरकार के नए फैसले के बाद उनके मूल वेतन में केवल 30 फीसदी की वृद्धि हो रही है, जबकि मंत्रालय का आकलन है कि मूल वेतन और महंगाई भत्ते के कुल योग पर वृद्धि का फैसला किया गया है जो मूल वेतन का 51 फीसदी होता है।
इसी तरह से ओसा का कहना है कि नया वेतनमान लागू होने के बाद उनके वेतन में कुछ सौ रुपये की वृद्धि होगी। जबकि मंत्रालय का कहना है कि यह वृद्धि ग्रेड-ए के अधिकारियों के लिए 28,032 रुपये की होगी। ग्रेड बढ़ने के साथ वृद्धि और आकर्षक होती जाएगी। ग्रेड-आई के अधिकारियों के लिए यह वेतन वृद्धि 66,771 रुपये प्रति माह की हो जाती है। इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एस। सुंदरेशन ने हड़ताल पर जाने की धमकी को पूरी तरीके से गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
24 November, 2008
PSUs कर्मियों को केंद्र का तोहफा
केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के करीब चार लाख अधिकारी और सुपरवाइजर स्तर के कर्मियों को अब तक की सर्वाधिक वेतन वृध्दि की सौगात देते हुए सरकार ने कहा है कि इससे केन्द्रीय उपक्रमों का प्रदर्शन सुधरेगा और उच्च कर्मचारियों का निजी क्षेत्र की तरफ पलायन रुकेगा। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्द्रीय उपक्रमों के लिए गठित दूसरी वेतन निर्धारण समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। नए वेतनमान एक जनवरी, 2007 से लागू होंगे। इससे करीब 151 मुनाफा कमाने वाले केन्द्रीय उपक्रमों के 2.58 लाख अधिकारी स्तर के और 1.20 लाख यूनियन से अलग रहने वाले सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारियों को वेतन वृध्दि का लाभ मिलेगा। घाटे में चलने वाले केन्द्रीय उपक्रम के कर्मी वेतन वृध्दि के पैकेज से महरुम रहेंगे। नया पैकेज लागू करने के लिए उन्हें लगातार तीन साल तक मुनाफा कमाना होगा।
पिछले साल कुल 217 केन्द्रीय उपक्रम थे, जिनमें से 151 मुनाफा कमा रहे थे। इनमें से भी 76 उपक्रम ही मजबूत है और वही नए वेतनमानों को पूरी तरह से लागू करने की स्थिति में बाकी 75 उपक्रम नये पैकेज को आंशिक रूप में ही लागू कर पाएंगे। शेष 66 घाटे में चलने वाले उपक्रम नए पैकेज का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
नए वेतनमानों के मुताबिक 'ए' श्रेणी में आने वाले केन्द्रीय उपक्रमों के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों का मूल वेतन अब 80 हजार से शुरू होकर सवा लाख रुपए मासिक तक होगा। सबसे निम्न 'डी' श्रेणी में आने वाले उपक्रमों के सीएमडी के लिए 51300 से लेकर 73000 रुपए तक का मूल वेतन पाएंग, जबकि इस श्रेणी के निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए 43200 से 66000 रुपए तक के नए वेतनमान तय किए गए हैं।
कार्यकारी अधिकारियों की पुरानी मांग को मानते हुए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 3.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी है। नए पैकेज में सरकार ने कार्यकारी स्तर के सभी अधिकारियों को एक जनवरी, 2007 के उनके मूल वेतन पर 30 प्रतिशत की समान दर से फिटमेंट देने का फैसला किया है। केन्द्रीय उपक्रमों की वर्तमान चार श्रेणियों को यथावत रखा गया है।
केन्द्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एम जगन्नाथ राव की अध्यक्षता में केन्द्रीय उपक्रमों की वेतन समीक्षा समिति का गठन किया था। समिति ने इसी साल 30 मई को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। उसके बाद अब मंत्रिमंडल ने भी इन पर अपनी मुहर लगा दी।
4000 रुपए तक के उपहार ले सकेंगे सरकारी कर्मचारी
उपहार इससे ज्यादा के हुए तो उन्हें इसकी सूचना सरकार को देनी होगी। पहले उपहार की सीमा 500 रुपए थी। यह फैसला शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। यह भी तय किया गया कि किसी अन्य मामले में पहले व दूसरे दर्जे के कर्मचारी 1000 रुपए और तीसरे व चौथे दर्जे के कर्मचारी 500 रुपए से ज्यादा के उपहार सरकार की मंजूरी के बिना न खुद लेंगे और न परिवार के किसी सदस्य को ऐसा करने की इजाजत देंगे।
बैठक में उपहार की यह सीमा 100 रुपए से बढ़ा कर 1000 रुपए और 50 रुपए से बढ़ा कर 500 रुपए की गई है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि कोई सरकारी कर्मचारी या उसके परिवार का आश्रित सदस्य अपने नाम से 50,000 रुपए से ज्यादा की अचल संपत्ति का सौदा करता है तो उसे एक महीने में इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को देनी होगी।
20 November, 2008
जजों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होगी!?
आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार यदि वित्त मंत्रालय का प्रस्ताव स्वीकार कर लेती है तो प्रस्तावित वेतनमान में सभी लाभार्थियों को दो गुना से लेकर तीन गुना वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा जबकि नवरत्न कंपनियों के अध्यक्षों का वेतन केंद्र सरकार के सचिव से लेकर कैबिनेट सचिव से भी ऊपर हो जाएगा। ONGC, HPCL, Indian Oil जैसी कंपनियों के सीएमडी का वेतन 27500-31000 से बढ़कर 80,000-125,000 रूपए महीना हो जाएगा जबकि एक्जीक्यूटिव का वेतन 6500-11350 से बढ़कर 12600-32500 रूपए महीना हो जाएगा। इसके अतिरिक्त DA भी मिलेगा।
इसके अलावा सरकार सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के जजों के भी वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगी।
18 November, 2008
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के अधिकारियों की हड़ताल टली
पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने व्यापक तौर पर राष्ट्रीय हित की बात ध्यान में रखकर कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने का फैसला वापस लेने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उनका मंत्रालय अधिक वेतनमान का समर्थन करता है और इस सिलसिले में उसने सार्वजनिक उद्यम विभाग को इस बारे में सुझाव दिया है। अमित कुमार ने कहा कि कैबिनेट की बैठक के बाद ही एसोसिएशन अपने भावी रणनीति की घोषणा करेगा।
17 November, 2008
केंद्रीय कर्मियों की सेवानिवृत्ति की आयु नहीं बढ़ेगी
चंद्रशेखर ने कहा कि इस तरह की अफवाह हैं, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि मैने जानने की कोशिश की लेकिन किसी विभाग में ऐसी कोई फाइल नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सरकारें ही तय करती हैं। अलग अलग राज्यों में सेवानिवृत्ति की अलग अलग आयु है। केरल में वहां के सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 55 साल है वहीं उत्तर प्रदेश और असम में 60 साल, मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में सेवानिवृत्ति की आयु 62 साल है।