24 December, 2008

फिलहाल, सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कटौती का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के चलते सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कटौती से साफ इनकार करते हुए सरकार ने 23 दिसम्बर को कहा कि इन सिफारिशों को लागू करने से वित्त वर्ष 2009-10 में केंद्रीय खजाने पर लगभग 36000 करोड़ रुपये का भार पड़ने की संभावना है।

वित्त राज्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने राज्यसभा में कहा कि राज्य सरकारों पर कितना बोझ पड़ेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे छठे वेतन आयोग की सिफारिशें किस तरह लागू करती हैं। उन्होने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कटौती का कोई भी प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।

23 December, 2008

उड़ीसा : कर्मचारियों के वेतन में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी

हालांकि खबर 10 दिन पुरानी है लेकिन है तो खबर! उड़ीसा सरकार ने राज्य कर्मचारियों के वेतन में 36 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का निर्णय किया है। वर्ष 2006 से प्रभावी होने वाली इस बढ़ोतरी के कारण राज्य सरकार पर प्रति वर्ष 2.1 अरब रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बकाए वेतन के 40 प्रतिशत हिस्से का भुगतान इसी महीने के अंत में कर दिया जाएगा, जबकि बची हुई राशि का भुगतान अगले वर्ष के प्रारंभ में किया जाएगा। 

उड़ीसा सरकार ने छठें वेतन आयोग की सिफारिशों के अध्ययन व इसे लागू किए जाने के बाद राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाने के लिए राज्य विकास आयुक्त के नेतृत्व में एक निर्धारण समिति का गठन किया था। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्धारण समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई और आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतन वृध्दि का निर्णय किया गया।  

सशस्त्र सेनाओं के लिए नई promotion नीति

सशस्त्र सेनाओं के अधिकारियों के लिए नई प्रमोशन नीति की घोषणा में व्यवस्था की गई है कि भ्रष्ट, नैतिक रूप से दागदार और रणभूमि में कायरता दिखाने वाले अफसरों को किसी भी सूरत में तरक्की नहीं दी जाएगी। रक्षामंत्री एके. एंटनी ने इस नई प्रमोशन नीति को मंजूरी दी है और यह 1 जनवरी, 2009 से लागू मानी जाएगी। नई नीति में प्रमोशन चयन बोर्ड की भूमिका को कम से कम किया गया है और प्रक्रियाओं को इतना परिभाषित किया गया है कि मनमानेपन की गुंजाइश लगभग नहीं रहेगी।

पक्षपात की सम्भावना को यथा सम्भव समाप्त किया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है दागदार अफसरों को किसी भी सूरत में तरक्की नहीं मिल पाए, भले ही प्रदर्शन मानकों में उन्होंने कितने ही अंक क्यों न कमा लिए हों। उल्लेखनीय है कि यह नई नीति उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और उच्च न्यायालय के एक 2004 के फैसले में की गई टिप्पणियों को देखते हुए की गई है।

नई नीति को इस तरह गढ़ा गया है कि कानून की कसौटी पर प्रमोशन के आधार खरे उतरें और सशस्त्र सेनाओं के कानूनी मामलों में कमी आए। अभी उच्च न्यायालय में करीब आठ हजार मामलों में अधिकतर प्रमोशन से संबंधित हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना में करीब 36 हजार अधिकारी हैं और प्रमोशन में पक्षपात, पारदर्शिता के अभाव और मनमानेपन तक के आरोप सामने आते रहे हैं। इसे देखते हुए एंटनी ने रक्षामंत्री बनने के दो महीने के भीतर ही रक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया था कि प्रमोशन बोर्ड की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और उदारता बरतकर प्रमोशन देने या किसी का प्रमोशन रोकने के हर मामले का पर्याप्त तर्कसंगत आधार बनाया जाए।

नई नीति में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी अधिकारी की योग्यता कुछ भी हो, लेकिन अनुशासन के मामले अस्वीकार्य तथा चरित्र पर कोई दाग अथवा कार्रवाइयों के दौरान खराब प्रदर्शन का रिकॉर्ड रहा, तो उसका प्रमोशन किसी भी कीमत पर स्वीकृत नहीं होगा। अनैतिक आचरण, खुल्लमखुल्ला लापरवाही या रणभूमि में कायरता दिखाने वाले अफसरों की भी तरक्की नहीं हो पाएगी।

नई नीति में ये सख्त मानक ऐसे समय अपनाए गए हैं, जब कैचअप छिड़ककर पदक बटोरने से लेकर सहयोगी महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी करने और फौजियों के लिए घटिया राशन खरीदने से लेकर उनके कपड़ों तक में अनियमितता बरतने के मामले सामने आए हैं। कई मामलों में दागदार अफसर भी आला अधिकारियों से अपनी नजदीकियों या प्रमोशन नीति की खामियों का फायदा उठाकर तरक्की लेने में कामयाब होते रहे हैं। 

नई नीति में किसी अधिकारी की गोपनीय रिपोर्ट को 95 प्रतिशत तरजीह दी जाएगी और बाकी पांच प्रतिशत फैसला प्रमोशन बोर्ड पर छोड़ा जाएगा। इस पांच प्रतिशत को भी नई नीति में स्पष्ट कर दिया गया है। प्रमोशन के समय यह भी देखा जाएगा कि अधिकारी की तैनाती कितने चुनौतीपूर्ण वातावरण में रही है, उसके रिपोर्ट के आंकलन में कितनी उदारता और सख्ती बरती गई है, रिपोर्ट बढ़ाचढ़ा कर लिखी गई या घटाई गई है, तथा उसने कितने पुरस्कार और सम्मान हासिल किए हैं।

इस नीति में यह प्रयास किया गया है कि मूल्यांकन का तरीका व्यापक एवं वैज्ञानिक हो, मानवीय गलतियों की गुंजाइश कम की जाए ताकि काम का स्वस्थ माहौल रहे। रक्षा मंत्रालय ने तीनों सैन्य बलों के लिए ये मानक तय किए हैं और अब इसके बाद वायुसेना. नौसेना और थल सेना अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से इन मानकों के आधार पर अपनी कसौटियां तय करेंगी। थल सेना ने अपने मानकों के लिए एक अध्ययन शुरू भी कर दिया है।

12 December, 2008

वैश्विक आर्थिक संकट के बीच टाटा स्टील ने बढ़ाया वेतन

वैश्विक आर्थिक संकट के गहराते असर के बीच टाटा स्टील ने औद्योगिक उपकरण बनाने वाली अपनी सहायक कंपनी Tata Steel Growth Shop (टीजीएस) के कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया है। कंपनी ने बताया कि अब न्यूनतम मूल वेतन- ग्रेड RG-1 के लिए मौजूदा 4 हजार रुपये से बढ़कर 8,080 रुपये प्रतिमाह और अधिकतम मूल वेतन- ग्रेड RG-9 के लिए-10,750 से बढ़कर 18,090 रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी 2007 से देय होगा। टीजीएस, स्टील कंपनियों के अलावा एल्युमीनियम, सीमेंट, ऊर्जा एवं विद्युत, उड्डयन, रेलवे और अंतरिक्ष अनुसंधान संबंधी विभिन्न कंपनियों के उपकरणों के डिजाइन, प्रॉडक्शन तथा सप्लाई करती है।

जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसांवा जिले के गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित टीजीएस के लगभग 700 कर्मियों के वेतन में वृद्धि के इस समझौते पर 10 दिसम्बर को टाटा स्टील के सीओओ एच. एम. नेरूरकर और टाटा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने हस्ताक्षर किए।

याहू और जेट के कर्मचारी ...

ग्लोबल इंटरनेट फर्म याहू ने अपने भारतीय कर्मचारियों की संख्या में 3 प्रतिशत कटौती का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने वैश्विक आर्थिक संकट के मद्देनजर लागत घटाने के लिए 10 दिसम्बर को करीब 40 लोगों को नोटिस दे दिया। कंपनी के भारतीय कारोबार में करीब 2000 कर्मचारी हैं।

इसके अलावा जेट एयरवेज ने 1900 कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश सार्वजनिक होने से काफी पहले ही करीब एक हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था और कंपनी इस घटना पर पर्दा डालने में कामयाब रही। जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वोल्फगैंग ने निवेशकों को बताया था कि कंपनी अपने कर्मचारियों की छंटनी करने के बाद जेट एयरवेज एवं बजट विमानन कंपनी जेटलाइट के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में सक्षम है।

11 December, 2008

Air India ने कर्मियों की यात्रा, फोन और अन्य भत्तों पर लगाम कसी

घाटे से उबरने की कोशिश में Air India ने अपने खर्च में कटौती करने के लिए अपने पाइलटों को ईंधन की बचत करने के नुस्खे बताने के साथ ही उनके यात्रा, फोन और अन्य भत्तों पर लगाम कस दी है। Air India के सूत्रों के मुताबिक खर्च में कटौती के उपाय सुझाने के लिए प्रबंधन ने कई समितियां बनाई थीं। इनके सुझावों पर अमल शुरू कर दिया गया है। यही नहीं लॉस ऐंजिलिस, सोल और दरूल सलम जैसे कुछ स्थानों की घाटे वाली उड़ानें बंद कर दी गई हैं।

अब तक कर्मचारियों पर भत्तों और अन्य सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने वाली Air India और Indian Airlines के विलय के बाद बनी एयर इंडिया ने फोन, मोबाइल फोन, वर्दी, बिजली और पेट्रॉल भत्तों में भारी कटौती कर दी है। इससे सालाना करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।

09 December, 2008

हरियाणा के कर्मचारियों को नए वर्ष का तोहफा

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के कर्मचारियों के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया है। लंबे समय से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का इंतजार कर रहे हरियाणा के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नए वर्ष का तोहफा दे दिया। उन्होंने घोषणा कर दी है कि एक जनवरी, 2009 से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह सिफारिशें जनवरी, 2006 से मान्य होंगी।

गौरतलब है कि हुड्डा सरकार ने अपने बजट में पहले ही छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए 1550 करोड़ रूपये का प्रावधान किया हुआ था। इन सिफारिशों के लागू हो जाने से राज्य के खजाने पर 3 हजार करोड़ रूपये का सालाना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कर्मचारियों को इसका 40 प्रतिशत नकद दिया जाएगा जबकि 60 प्रतिशत उनके पीएफ में जमा करने का प्रावधान किया गया है।