15 June, 2009
एयर इंडिया के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी
04 March, 2009
HEC को मिले 80 करोड़ से रिटायर हुये कर्मियों को एरियर देने की तैय्यारी
इधर HEC के रिटायर कर्मियों के संघों ने एरियर के सवाल पर कार्मिक निदेशक एवं सीएमडी से मुलाकात की। अधिकारियों ने होली पूर्व एरियर भुगतान की संभावना व्यक्त की। उधर एचइसी सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघर्ष मोरचा ने चार मार्च को धुर्वा मोंटेसरी मैदान में बैठक बुलायी है। तीन बजे से होनेवाली बैठक में एरियर पर जानकारी दी जायेगी।
27 February, 2009
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतनमान अप्रैल से?
छठे वेतनमान का लाभ देने पर सरकार पर अब ज्यादा बोझ नहीं आएगा। 20 फीसदी राशि एक सितम्बर 2008 से दी जा रही है, जबकि वेतनमान का पूरा लाभ देने पर उस पर करीब 25 प्रतिशत का बोझ आ रहा है। अंतरिम राहत का बीस प्रतिशत पहले से देने के कारण अब उस पर अधिकतम पांच प्रतिशत का ही बोझ आयेगा।
केंद्रीय कर्मचारियों का DA 6 फीसदी बढ़ा
चिदंबरम के मुताबिक अगले वित्त वर्ष 2009-10 में 5149 करोड़ रुपये और जनवरी से लेकर कुल 15 महीनों के लिए 6020 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। देश में करीब 40 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 30 लाख पेंशनधारी हैं।
23 December, 2008
उड़ीसा : कर्मचारियों के वेतन में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी
27 September, 2008
बोनस राशि कम देने पर श्रमिक संगठनों में उबाल
मालूम हो कि पिछले वर्ष कर्मियों को 7000 रुपये का भुगतान किया गया था। लेकिन इस वर्ष 6500 रुपये बोनस निर्धारित करने से पांचों यूनियनों में खलबली मच गयी है। इतनी कम बोनस की राशि के निर्धारित होने से ही इंटक, एचएमएस, सीटू, एटक एवं बीएमएस के बैनर तले श्रमिकों ने आईएसपी के मुख्यालय में भारी संख्या में उपस्थित होकर आईएसपी के जीएम मिहिर कुमार राउत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मांग की गयी कि इस वर्ष की बोनस की राशि को बढ़ा कर 7300 किया जाय। इस संबंध में एचएमएस के बर्नपुर शाखा महासचिव मुमताज अहमद ने बताया कि विगत वर्ष कर्मचारियों की बोनस राशि 7000 थी। मगर उसे तीन किश्तों में दिया गया था। पहले 5400 रुपये उसके बाद उसी माह में ही 800 रुपये तथा दूसरे महीने में 800 रुपये दिये गये थे। मगर आईएसपी प्रबंधन के भूल के कारण सिर्फ 6200 रुपये का ही रिकार्ड SAIL के पास भेजा गया था। श्री अहमद ने कहा कि SAIL द्वारा इस वर्ष सभी इस्पात संयंत्र को 300 रुपये बढ़ा कर दिये गये है। श्री अहमद ने कहा कि हमारी मांगों के समर्थन में जो ज्ञापन सौंपा गया है। उसे प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है। इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठा कर लिया है और फिर से नया रिकार्ड भेजने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान सीटू के महासचिव विमल दत्ता, इंटक के महासचिव हरजीत सिंह, बीएमएस के महासचिव रामहिलिस राय, एचएमएस के मुमताज अहमद, एटक के उत्पल सिन्हा ने भी मौजूद होकर कम बोनस की राशि का विरोध किया एवं इसे बढ़ाने की मांग की।
30 August, 2008
छठे वेतन आयोग की अधिसूचना जारी
भारत सरकार के असैन्य कर्मचारियों के वेतनमान और महंगाई भत्तें 1जनवरी 2006 से प्रभावी होगा। जबकि दूसरे अन्य प्रकार के संशोधित भत्ते 1 सितंबर 2008 से मान्य होगें । सरकार ने एरियर का भुगतान दो किस्तों में करने का फैसला किया है। कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2008-09 में एरियर की पहली किस्त का भुगतान किया जाएगा जिसमें उनकों बकाये की 40 फीसदी राशि दे दी जाएगी। कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2009- 10 में एरियर की दूसरी किस्त का भुगतान किया जाएगा जिसमें उनकों एरियर की 60 फीसदी राशि दे दी जाएगी।
02 April, 2008
इलाज पर ज्यादा खर्च किया तो भुगतान नहीं
सरकारी कर्मचारी अपनी मर्जी के अस्पतालों में इलाज करवाने से पहले सोच लें। उन्हें इलाज खर्च का उतना ही भुगतान होगा जितना उनके विभाग ने नियमानुसार तय किया है। नियम से ज्यादा का भुगतान किसी भी स्थिति में नहीं किया जा सकता। यह व्यवस्था देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो सरकारी कर्मियों को दिए जाने वाले तय मेडिकल खर्च से ज्यादा भुगतान देने के हाईकोर्ट के फैसलों को रद कर दिया। जस्टिस एस।बी। सिन्हा और वी।एस। सिरपुरकर की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के अनुच्छेद-३०९ के तहत राज्य सरकारों को अपने कर्मचारियों के चिकित्सा खर्च को तय करने और उनके नियम बनाने का अधिकार है। इन नियमों में उदारता बरतने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है लेकिन मामला अत्यंत गंभीर बीमारियों का है इसलिए अनुच्छेद-142 के तहत असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सर्वोच्च अदालत आदेश देती है कि इन दो मामलों में कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान दे दिया जाए। लेकिन स्पष्ट किया जाता है कि यह आदेश नजीर के रूप में न लिया जाए।मामले के अनुसार कर्नाटक के टैक्स विभाग और राजस्थान के न्यायिक विभाग के दो कर्मचारियों ने क्रमश्र: दिल और गुर्दे की बीमारी का इलाज निजी अस्पतालों में करवाया। दिल के मरीज के बाइपास सर्जरी पर खर्च 150,600 रुपये आया। लेकिन रिइंबर्समेंट पर सरकार ने उसे 39,207 रुपये ही दिए। इसी प्रकार दिल्ली के बत्रा अस्पताल में गुर्दा बदलवाने का खर्च आया 2.11 लाख रुपये लेकिन राज्य सरकार ने भुगतान किया सिर्फ 50,000 रुपये। गुर्दे के मरीज को एम्स में रेफर किया गया था लेकिन बिस्तर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने इमरजेंसी में बत्रा अस्पताल में इलाज करवाया। कम भुगतान मिलने के खिलाफ दोनों कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में रिट दायर की। कर्नाटक और दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाएं स्वीकार कर लीं और सरकारों को आदेश दिया कि कर्मचारियों को इलाज पर आए वास्तविक खर्च का भुगतान किया जाए। इस आदेश का राज्य सरकारों ने चुनौती दी थी।
25 February, 2008
रेलवे ने वेतन वृद्धि के अतिरिक्त पैसे का भी इंतजाम कर लिया!
छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से पड़ने वाले संभावित वित्तीय बोझ के लिए देश के सबसे बड़े रोजगारदाता रेलवे ने पहले ही इंतजाम कर लिया है। इसके लिए वह 2008-09 के रेल बजट में अपने 25 हजार करोड़ रुपए के सालाना वेतन बिल की एक तिहाई से ज्यादा की राशि का प्रावधान कर रहा है।
रेलवे बजट की प्रक्रिया से जुड़े कुछ अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर दैनिक हिन्दुस्तान को बताया कि इसके लिए बजट में 9 हजार करोड़ रुपए रखे जा रहे हैं। इससे बकाए का भुगतान भी किया जाएगा। रेलवे ने इस समूची राशि का अनुमान वित्त मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श करके अपने आंतरिक आकलन के आधार पर किया है।
रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रेफिक) वी.एन. माथुर ने कहा, "वेतन आयोग की सिफारिश से पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ का सटीक आकलन सिफारिशों की घोषणा के बाद ही किया जा सकेगा।" रेल मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक ये सिफारिशें रेलवे के सालाना वेतन बिल में तकरीबन 3 हजार करोड़ रुपए का इजाफा करेंगी।
रेलवे में 14 लाख कर्मचारी हैं, जो 90 के दशक की शुरुआत के 16 लाख कर्मचारियों से कम हैं। पिछले साल लाभांश समेत लागत को निकालने के बाद रेलवे के पास अतिरिक्त नकद राशि 16 हजार करोड़ रुपए के आस-पास थी। इस साल भाड़े के मामले में प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने के अनुमान के साथ यह अतिरिक्त राशि 2008-09 में 21 हजार करोड़ रुपए जा पहुंचेगी।
अधिकारियों का कहना है कि इसे देखते हुए रेलवे वेतन आयोग की सिफारिशों से पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को वहन करने की स्थिति में होगा।