24 September, 2008
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों को अंतरिम राहत का आदेश
अंतरिम वेतन की राशि का समायोजन पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर्स से किया जाएगा। पेंशनरों को सितम्बर 2008 की पेंशन जो अक्टूबर में देय है उसमें मूल पेंशन और महंगाई पेंशन की 10 प्रतिशत राशि अंतरिम राहत में रूप में दी जाएगी।
16 September, 2008
सितम्बर के वेतन के साथ अंतरिम राहत
आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि अंतरिम राहत की यह राशि न तो वेतन के रूप में समझी जाएगी और न ही भत्ते या मजदूरी के रूप में। यह राशि किसी भी सेवा लाभ अर्थात मकान किराया भत्ता, प्रतिपूर्ति भत्तों, वेतन नियमन, अवकाश नदगीकरण, पेंशन एवं ग्रेच्युटी आदि की संगणना करने के लिए नहीं गिनी जाएगी। अंतरिम राहत की राशि का समायोजन पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर से दिया जाएगा। यह राशि वेतन मद से विकलनीय होगी।
10 September, 2008
फिलहाल 20 प्रतिशत अंतरिम राहत
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों को छठा वेतनमान देने का मामला आनन फानन में एक्स एजेंडा के रूप में लाया गया। छठे वेतनमान के संबंध में राज्य सरकार की पूरी तैयारी न होने के कारण एक मुश्त बीस फीसदी अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया गया।
19 April, 2008
कोल इंडिया ने अंतरिम राहत का आदेश दिया
कोल इंडिया ने कामगारों को अंतरिम राहत (आइआर) पेमेंट करने संबंधी आदेश भेज दिया है। कंपनी के डीपी आर मोहन दास ने सभी कंपनियों के सीएमडी को इस बाबत पत्र भेजा है। इसमें 30 जून 06 के बेसिक पर 15 प्रतिशत की दर से भुगतान करने को कहा गया है। मई में होने वाले अप्रैल के पेमेंट से इसे दिया जायेगा।इस राशि को सैलरी सीट में अलग से दर्शाने का निर्देश भी दिया गया है। जुलाई 06 से मार्च 08 तक के एरियर का भुगतान दो किस्त में करने को कहा गया है। पहला दुर्गा पूजा से पहले एवं दूसरा 31 जनवरी 09 तक। भुगतान की तिथि बाद में घोषित करने की बात कही गयी है। दी जाने वाली राशि पर दो फीसदी की दर से सीएमपीएफ-पीएफ काटने की बात भी कही गयी है। ग्रेच्युटी और लीव बेनीफीट एवं अन्य वैधानिक कटौती भी की जायेगी। इस राशि पर अन्य भत्तों की गणना नहीं होगी। यह राशि एनसीडब्ल्यूए-8 के फाइनल एग्रीमेंट के बाद एडजस्ट भी की जायेगी। उक्त आदेश के आलोक में सीसीएल के डीजीएम धु्रव कुमार ने सभी सीजीएम, जीएम एवं संबंधित अधिकारी को सूचित कर दिया है।
कोयला कामगारों के वेतन समझौते की अवधि भी बढ़ती गयी। शुरू में यह चार साल की अवधि के लिए ही होता था। शुरुआती तीन समझौतों तक यह जारी रहा। इसके बाद श्रमिक प्रतिनिधि की सहमति से प्रबंधन ने इसकी अवधि बढ़ाकर साढ़े चार वर्ष कर दी। तुरंत बाद इसकी अवधि बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गयी। सातवें वेतन समझौते से प्रबंधन दस साल का एग्रीमेंट करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि श्रमिक प्रतिनिधि इस पर सहमत नहीं हो रहे हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि कम अवधि का वेतन समझौता कामगार हित में होता है। इस बार प्रबंधन के साथ कुछ कामगार भी दस साल का वेतन समझौता चाह रहे हैं। हालांकि श्रमिक संगठन पांच साल के समझौते का अल्टीमेटम भी दे चुके हैं।
21 March, 2008
कोल इंडिया बनाएगी प्रोन्नति स्कीम
प्रोन्नति के सवाल पर श्री भट्टचार्य ने कहा कि इस मुद्दे पर शीघ्र ही एक विशेष स्कीम बनाई जाएगी। उसी के तहत अधिकारियों को प्रोन्नति दी जाएगी। कोलकाता से लौटे एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव केपी सिंह ने बताया कि अब ई वन से लेकर ई पांच तक के अधिकारियों का डीपीसी अप्रैल में तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें प्रोन्नति दे दी जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने कोल इंडिया अध्यक्ष से कहा कि ई तीन में पांच तथा ई पांच में सात वर्षो से कार्यरत अधिकारियों को तत्काल प्रोन्नति दी जाए, जिससे प्रोन्नति में जो ठहराव आया है, वह दूर हो जाए। इस मुद्दे पर भी कोल इंडिया अध्यक्ष ने शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया। श्री सिंह ने बताया कि सीएमडी मीट में कलस्टर प्रोन्नति को हरी झंडी दे दी गई है। पहले इस पर रोक लगाई गई थी। इससे कई अधिकारियों की प्रोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा।
26 February, 2008
वेतन आयोग की रिपोर्ट ४ अप्रैल तक
राज्यसभा में लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि आयोग को अपने गठन के 18 माह के भीतर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर उसे सौंप देना है। यह अवधि चार अप्रैल को पूरी हो रही है। आयोग की सिफारिशों को लागू करने के मसले पर बंसल ने कहा कि जब तक आयोग की रिपोर्ट आ नहीं जाती तब तक उसपर अमल की अवधि के बारे में नहीं बताया जा सकता। मीडिया में आई उन खबरों पर जिनमें वेतन में भारी बढ़ोतरी की भविष्यवाणी की गई है, बंसल ने कहा कि आयोग को अपनी रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप देना बाकी है। इसलिए इस तरह की खबरें सिर्फ कयास की कहे जाएंगे।
बंसल ने कहा कि आयोग अपनी सिफारिशें लागू होने तक किसी प्रकार की अंतरिम राहत की जरूरत और पात्रता पर भी विचार कर रहा है। गौरतलब है कि छठा वेतन आयोग अक्टूबर-2006 में गठित किया गया था। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन के ढांचे में व्यापक परिवर्तन करना है।