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11 February, 2009

रिजर्व बैंक के कर्मचारी 20 फरवरी को देश भर में एक दिन की हड़ताल पर

नई पेंशन योजना को बहाल करने समेत अपनी तमाम मांगों को लेकर रिजर्व बैंक के कर्मचारी 20 फरवरी को देश भर में एक दिन की हड़ताल पर करेंगे। सीजीएम से लेकर चौथे दर्जे के कर्मचारियों के काम न करने से इस दिन केंद्रीय बैंक द्वारा किए जाने वाले भुगतानों पर असर पड़ेगा।

अखिल भारतीय रिजर्व बैंक कर्मचारी संघ के सचिव के के शर्मा ने इस हड़ताल की मुख्य वजह वित्ता मंत्रालय की ओर से केंद्रीय बैंक द्वारा जारी एक आंतरिक सर्कुलर को बताया है। इसमें नवंबर 1997 से पूर्व सेवानिवृत्ति पाने वालों से नई पेंशन योजना को वापस लेने की बात कही गई है। सर्कुलर में आरबीआई के रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन में भारी कमी की घोषणा की गई है। पिछले साल अक्टूबर में भी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों ने इसी मुद्दे पर देशव्यापी हड़ताल की थी।

19 October, 2008

रिजर्व बैंक में 21 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश

भारतीय रिजर्वं बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पेंशन के मुददे पर 21 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। उधर रिजर्व बैंक ने अधिकारियों और कर्मचारियों के इस कदम को अवैध बताया है क्योंकि इसकी पहले सूचना नहीं दी गयी है। युनाइटेड फोरम आफ रिजर्व बैंक आफिसर्स एंड एम्प्लाइजेज ने अपने सदस्यों से 21 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश पर जाने का आह्वान किया है। आरबीआई प्रति पांच वर्ष के बाद अपने अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतनमान संशोधित किया जाता है। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन के मामले में ऐसा नहीं है।

इस बीच रिजर्व बैंक ने कहा है कि कर्मचारियों के इस कदम से सामान्य कामकाज बाधित होगा। बैंक ने आम जनता को सलाह दी है कि अपने काम 20 अक्टूबर तक निपटा ले।

27 April, 2008

रिटायर्ड कर्मचारी बैंकों के एजेंट बन सकेंगे

भारतीय रिजर्व बैंक [Reserve Bank of India] ने बैंकों को यह अनुमति दे दी है कि वे पूर्व सैनिकों या केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारियों को बतौर एजेंट नियुक्ति कर सकते हैं। इनकी नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवा देने के लिए की जाएगी। आरबीआई ने इस बारे में आवश्यक दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीय लोगों की नियुक्ति ही बतौर एजेंट होनी चाहिए। इसके साथ ही ये एजेंट बैंक के किसी खास शाखा से संबंधित होंगे।

दैनिक जागरण में आयी ख़बर के अनुसार, दिशानिर्देश में केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक शाखा से 15 किलोमीटर की दूरी के भीतर ही एजेंट्स काम करेंगे। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि भौगोलिक स्तर पर भारत इतना विशाल है कि हर जगह बैंक शाखा खोलना मुमकिन नहीं है। इसलिए हर गांव में बैंक सेवा पहुंचाने के लिए एजेंट्स की मदद लेनी होगी। सभी बैंकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि एजेंट्स या Business Correspondent की नियुक्ति और उनके काम करने के तरीके को लेकर वे अपनी नीति बनाएंगे। बैंकों को यह भी कहा गया है कि अगर कामकाज को लेकर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो इसकी जानकारी तत्काल शीर्ष स्तर पर दी जाएगी।