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20 August, 2008

बैंक कर्मियों को भी बढ़े वेतन की उम्मीद

सरकार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की तरह, सरकारी बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारियों को भी बढ़े वेतन का तोहफा दे सकती है। वित्त मंत्रालय ने इंडियन बैंक असोसिएशन (आईबीए) से कहा है कि वह बैंक कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप दे। नवभारत टाइम्स में जोसफ बर्नाड के अनुसार, इस महीने के अंत तक वेतन बढ़ोतरी पर बैंक यूनियनों और आईबीए के बीच बैठक होगी। इसके बाद कर्मचारियों की तनख्वाह कितनी बढ़ाई जाए, इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। संभावना है कि नवंबर या दिसंबर की शुरुआत में सरकार इस फैसले की घोषणा कर दे।

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार, वेतन बढ़ोतरी या इस तरह के अन्य लोकप्रिय फैसले 31 दिसंबर तक ही ले सकती है। इसके बाद लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू हो जायेगी। ऐसे में कोशिश होगी कि इस पर फैसला तय सीमा अवधि के भीतर कर दिया जाए। केंद्रीय कर्मचारियों की तनख्वाह में इजाफा होने से सरकारी बैंक कर्मचारी काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने हमारा वेतन भी केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर नहीं बढ़ाया तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। 11 अगस्त को आईबीए के साथ बैठक में उन्होंने बढ़ोतरी पर अपना प्रस्ताव दे दिया था। मगर अब वे इसमें और संशोधन पर विचार कर रहे हैं।

ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन के प्रवक्ता ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में कहा कि बैंक कर्मचारी का काम केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में ज्यादा मुश्किल और ज्यादा जवाबदेही वाला है। अगर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में औसतन 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है और अधिकतम तेजी 41 प्रतिशत तक जा सकती है तो हमें इससे कम बढ़ोतरी मंजूर नहीं है। हम तो इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी की मांग करेंगे। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।

28 July, 2008

आठ लाख बैंक कर्मियों को पेंशन!?

देशभर के करीब आठ लाख बैंक कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए भारतीय बैंक संघ ने अपनी सहमति दे दी है। पेंशन तय करने के लिए मूल वेतन का निर्धारण होने के बाद इन सभी कर्मचारियों को पेंशन दी जाएगी। यह निर्णय पिछले सप्ताह मुंबई में हुई यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन और भारतीय बैंक संघ की बैठक में लिया गया है।

देश भर में करीब बारह लाख बैंक कर्मचारियों में करीब दस प्रतिशत अधिकारी हैं। करीब चार लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को पेंशन सुविधा है, लेकिन बाकी आठ लाख कर्मचारी अभी भी इससे वंचित हैं। बैंकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सरकार द्वारा गठित भारतीय बैंक संघ ने यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस को पेंशन के लिए आश्वस्त किया है।

यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन के वाइस प्रेसीडेंट अनिल सोनकर के अनुसार, सात अगस्त को मुंबई में पेंशन देने के लिए मूल वेतन के निर्धारण सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इसके बाद लगभग सभी बैंक कर्मचारियों को पेंशन सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इसके पूर्व नवम्बर 1993 में पेंशन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लायी गई थी।

13 June, 2008

बैंक कर्मी भी औद्योगिक हड़ताल में शामिल होंगे

केन्द्र सरकार की श्रम एवं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ श्रमिक संगठनों के आह्वान पर 20 अगस्त की प्रस्तावित औद्योगिक हड़ताल में बैंक कर्मी भी शामिल होगें।

आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव महेश मिश्रा ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि एसोसिएशन की मंगलवार को कोलकाता में सम्पन्न बैठक के बाद हड़ताल की तैयारी के लिए 15 जून को जयपुर में राजस्थान प्रदेश बैक एम्पलाइज यूनियन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।

27 April, 2008

रिटायर्ड कर्मचारी बैंकों के एजेंट बन सकेंगे

भारतीय रिजर्व बैंक [Reserve Bank of India] ने बैंकों को यह अनुमति दे दी है कि वे पूर्व सैनिकों या केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारियों को बतौर एजेंट नियुक्ति कर सकते हैं। इनकी नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवा देने के लिए की जाएगी। आरबीआई ने इस बारे में आवश्यक दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीय लोगों की नियुक्ति ही बतौर एजेंट होनी चाहिए। इसके साथ ही ये एजेंट बैंक के किसी खास शाखा से संबंधित होंगे।

दैनिक जागरण में आयी ख़बर के अनुसार, दिशानिर्देश में केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक शाखा से 15 किलोमीटर की दूरी के भीतर ही एजेंट्स काम करेंगे। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि भौगोलिक स्तर पर भारत इतना विशाल है कि हर जगह बैंक शाखा खोलना मुमकिन नहीं है। इसलिए हर गांव में बैंक सेवा पहुंचाने के लिए एजेंट्स की मदद लेनी होगी। सभी बैंकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि एजेंट्स या Business Correspondent की नियुक्ति और उनके काम करने के तरीके को लेकर वे अपनी नीति बनाएंगे। बैंकों को यह भी कहा गया है कि अगर कामकाज को लेकर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो इसकी जानकारी तत्काल शीर्ष स्तर पर दी जाएगी।